जमुई (बिहार)। बिहार के जमुई जिले में मड़वा पहाड़ के पास 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्रा के साथ यौन हिंसा और उसके सहपाठी छात्र की मारपीट की घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्रा की गिड़गिड़ाहट और आरोपियों की हरकतें साफ दिख रही हैं। पुलिस ने वीडियो के आधार पर संज्ञान लिया, पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत FIR दर्ज की। अब तक मुख्य आरोपी सहित 6 से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
घटना कैसे घटी?
पुलिस के अनुसार 19 सितंबर की शाम करीब 6:25-7 बजे 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा और उसका सहपाठी छात्र स्कूटी से मड़वा पहाड़ की ओर घूमने निकले थे। दोनों एक ही कोचिंग में पढ़ते हैं। फोटो क्लिक कर रहे थे तभी 7-8 युवकों का समूह पहुंचा। आरोपियों ने छात्र को अलग कर मारपीट की और छात्रा के साथ यौन हिंसा की। वीडियो में एक आरोपी (लाल गमछे वाला) छात्रा को गोद में उठाने और अश्लील हरकतें करते दिख रहा है। छात्रा बार-बार कह रही थी, “भइया जाने दीजिए, हम दोस्त हैं… हम फिर कभी नहीं आएंगे।” घटना के बाद छात्रा ने शुरू में घर में किसी को नहीं बताया। 20 सितंबर की रात पिता को जानकारी दी। 21 सितंबर को वीडियो वायरल हुआ। उसी दिन पुलिस ने छात्रा की पहचान कर बयान लिया और FIR दर्ज की। मामले में बीएनएस की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग), 76/3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 व 12 के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
– 21 सितंबर: वीडियो के आधार पर पहचान। तीन नाबालिग लड़कों को निरुद्ध किया गया।
– 22 सितंबर: मुख्य अभियुक्त नंदन यादव (प्रतापपुर निवासी, अवैध शराब-बालू कारोबार से जुड़ा) और हरेराम यादव गिरफ्तार। नंदन मड़वा पहाड़ के पास छिपे थे। पुलिस घेराबंदी पर उन्होंने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में नंदन के पैर में गोली लगी। हरेराम भागते समय घायल/पैर फ्रैक्चर हुए। दोनों अस्पताल में भर्ती।
– वीडियो वायरल करने वाले रामाशीष चौधरी समेत अन्य आरोपी भी हिरासत में। कुल 6-8 गिरफ्तार (वयस्क और नाबालिग)।
साइबर थाने में अलग FIR: 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर वीडियो शेयर करने के लिए कार्रवाई। कई जगहों से वीडियो टेक-डाउन की प्रक्रिया चल रही है। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि नंदन यादव मुख्य अभियुक्त हैं। उनसे पूछताछ जारी है। ADG (लॉ एंड ऑर्डर) केएस अनुपम ने पुष्टि की कि मुख्य आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुए। नंदन के पिता गनौरी यादव को 2003 के डबल मर्डर केस में भी गिरफ्तार किया गया।
स्थानीय लोगों का गुस्सा और डर
मड़वा पहाड़ जमुई शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर लोकप्रिय स्पॉट है। जमुई-लखीसराय बॉर्डर पर स्थित यह जगह स्कूल-कोचिंग का रास्ता भी है। आसपास के गांवों के लोग बताते हैं कि यहां लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। एक स्थानीय महिला ने कहा, “सुरक्षित अगर होता तो ऐसा काम होता नहीं। बहू-बेटी यहां सुरक्षित है कहां?” एक पुरुष निवासी ने कहा, “खून खौल गया। हमारे भी छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं। गांव की बदनामी होती है।” कई घरों में लड़कियों को स्कूल-कोचिंग भेजना बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा, “बिहार में आज लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं, चाहे दिन हो या रात।”
व्यापक प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। विपक्षी दलों ने लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठाए हैं। पीड़िता के पिता ने कहा कि सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं, सख्त सजा होनी चाहिए। पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। जांच जारी है और बाकी संदिग्धों की तलाश चल रही है। मड़वा पहाड़ जैसे सुनसान इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
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