इंस्टाग्राम रील्स से सीखा नकली नोट छापना, पुलिस ने दबोचा गिरोह

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा पुलिस और एसओजी टीम ने नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 2.54 लाख रुपए के जाली नोट बरामद हुए हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब तीन महीने से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे।

तलाशी में मिला सामान

पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली नोट छापने वाला प्रिंटर, कटिंग मशीन, एक स्कॉर्पियो कार, चार मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद सभी जाली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर छपा हुआ था, जिससे इनकी नकली होने की पुष्टि आसानी से हो गई।

चेकिंग के दौरान पकड़ में आया गिरोह

पुलिस ने सोमवार रात सिरसा गोल चक्कर पर नियमित चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो कार को रोका। तलाशी लेने पर कार में जाली नोट मिले, जिसके बाद कार सवार तीनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बंटी अत्री, खुशदिल और उपेंद्र कुमार के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

इंस्टाग्राम रील्स से सीखा नोट बनाने का तरीका

एडीसीपी मिश्रा के अनुसार, आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर रील्स देखकर नकली नोट बनाने की तकनीक सीखी थी। वे असली नोट को स्कैन कर प्रिंटर से उसकी कॉपी निकालते थे और फिर कटिंग मशीन से नोटों को सही आकार में काटा जाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी इन जाली नोटों को बाजार में चलाने की तैयारी में थे और इससे पहले भी कई लोगों को ठग चुके थे।

100 रुपए के नोट पर सिर्फ 15 रुपए खर्च

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि 100 रुपए का एक नकली नोट तैयार करने में महज 15 रुपए का खर्च आता था। नोटों की गड्डी बनाते समय वे बीच-बीच में असली नोट और केनरा बैंक के फॉर्म रख देते थे, ताकि देखने में गड्डी असली प्रतीत हो और शक न हो। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितनी रकम के जाली नोट बाजार में खपाए हैं और इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।

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