नोएडा प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन बेनक़ाब: गढ़ी चौखंडी में पुलिस डटी रही, प्राधिकरण नहीं पहुंचा, अतिक्रमण अभियान धराशायी

नोएडा प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन बेनक़ाब: नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र के अंतर्गत गढ़ी चौखंडी गांव के हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में आज प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। अतिक्रमण हटाने के लिए पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन नोएडा प्राधिकरण का प्रवर्तन दस्ता और मशीनरी मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस बल काफी देर तक बुलडोजर और अधिकारियों का इंतजार करता रहा और अंततः बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा।

पुरानी समस्या, नई लापरवाही

हिंडन नदी छिजारसी से प्रवेश कर गढ़ी चौखंडी, चोटपुर सहित कई क्षेत्रों से गुजरती है। इन नदियों के डूब क्षेत्र में भू-माफियाओं ने बड़े पैमाने पर कालोनियां काटी हैं और यह अवैध धंधा तीन दशक से चल रहा है।

हिंडन डूब क्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी को रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने फेज-3 थाने में पहले भी प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि अवैध रूप से प्लॉट काटकर लोगों को बेचे जा रहे हैं और काम रोकने को कहने पर विभाग की टीम को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

विभागों के बीच समन्वय की कमी

नोएडा प्राधिकरण पूर्व में भी इस क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों को सील करने की कार्रवाई कर चुका है, लेकिन विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण आज की यह बड़ी कार्रवाई ठप हो गई। अतिक्रमणकारी टल गई कार्रवाई से बेखौफ नजर आए।

ग्रेटर नोएडा में कार्रवाई, नोएडा में सुस्ती का विरोधाभास

जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इसी मुद्दे पर आक्रामक रुख अपना चुका है ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्राम हैबतपुर के डूब क्षेत्र और चिपियाना खुर्द में कार्रवाई करते हुए करीब 9000 वर्गमीटर से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। यह बीते 16 दिनों में प्राधिकरण की छठी बड़ी एंटी-एन्क्रोचमेंट कार्रवाई थी। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण की निष्क्रियता और भी अखरती है।

कानूनी स्थिति स्पष्ट, फिर भी अनदेखी

शासनादेश और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के 2013 के आदेश के अनुसार डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण अनुमन्य नहीं है। बाढ़ से होने वाली क्षति की भरपाई शासन द्वारा नहीं की जाएगी तथा अवैध निर्माण करने वालों से वसूली की जाएगी।

जन-जीवन के लिए खतरा

पर्यावरणविदों का कहना है कि अवैध कालोनियों और फार्म हाउस काटने वालों की वजह से हिंडन और यमुना में बाढ़ आती है। पिछली बाढ़ के दौरान यदि प्रशासनिक तंत्र सचेत नहीं होता, तो भू-माफियाओं द्वारा बसाई गई अवैध कालोनियों में रहने वाले हजारों लोग पानी में डूबकर मर जाते। आज की घटना ने एक बार फिर साबित किया कि जब तक विभागों के बीच वास्तविक समन्वय नहीं होगा और जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक भू-माफियाओं का मनोबल टूटने वाला नहीं है।​​​​​​​​​​​​​​​​

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