प्रतीक एडिफाइज सोसाइटी में आत्महत्या: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित थाना सेक्टर-39 क्षेत्र के अंतर्गत प्रतीक एडिफाइज सोसाइटी, सेक्टर-107 में एक दिल दहला देने वाली घटना के तहत 26 अप्रैल को सज्जल मेहरोत्रा (उम्र अज्ञात) ने अपने फ्लैट की 22वीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। उनके पिता हरीश मेहरोत्रा के बेटे सज्जल को परिजनों ने तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल का मयफ्ती निरीक्षण किया है, जबकि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है।
प्रारंभिक जांच में सज्जल के लंबे समय से मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार होने की जानकारी सामने आई है। थाना सेक्टर-39 के प्रभारी ने बताया कि मृतक के कमरे से डिप्रेशन की दवाइयां और कुछ नोट्स बरामद हुए हैं, जो उनकी मानसिक स्थिति की पुष्टि करते हैं। परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस को यही बताया कि सज्जल पिछले कई महीनों से चुपचाप रहने लगे थे और अक्सर उदास दिखते थे। हालांकि, पुलिस अन्य संभावित पहलुओं जैसे पारिवारिक विवाद, आर्थिक तंगी या किसी बाहरी दबाव की जांच कर रही है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि घटनास्थल पर कोई संदिग्ध वस्तु या संघर्ष के निशान नहीं मिले। सोसाइटी के सुरक्षा गार्डों के बयानों से पता चला कि सज्जल शाम करीब 7 बजे बालकनी पर अकेले खड़े दिखे थे, उसके बाद चीखने की आवाज आई। फील्ड यूनिट ने सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की है, जिसमें सज्जल का अकेले ही बालकनी पर जाना दिखा। मृतक के मोबाइल और लैपटॉप से डिजिटल फॉरेंसिक जांच चल रही है, जिसमें कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध चैट की पड़ताल की जा रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हरीश मेहरोत्रा ने बताया, “हमारा बेटा बहुत होनहार था, लेकिन डिप्रेशन ने उसे अंदर ही खोखला कर दिया। हमने उसे कई डॉक्टरों के पास दिखाया था।” सोसाइटी के निवासियों में दहशत फैल गई है, खासकर ऊपरी मंजिलों पर रहने वालों में। प्रशासन ने सोसाइटी प्रबंधन को सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कैंप लगाने का निर्देश दिया है।पुलिस ने आईपीसी की धारा 174 (अन्यत्र मृत्यु) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और सभी वैधानिक कार्रवाइयां पूरी कर रही है। नोएडा पुलिस आयुक्त ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जरूरी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हम काउंसलिंग सेंटरों से समन्वय बढ़ा रहे हैं।” जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

