फर्जी रजिस्ट्री का मामला: जाल में फंसाकर 3.03 करोड़ की ठगी, जारचा थाने ने शातिर गिरोह का किया पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

फर्जी रजिस्ट्री का मामला: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के जारचा थाने की पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री के बहाने लोगों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। इस गिरोह ने कुल 3 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, चार एटीएम कार्ड और एक स्कॉर्पियो कार बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले कई महीनों से फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति खरीद-बिक्री के नाम पर निर्दोष लोगों को लूट रहा था। मुख्य आरोपी रवि (काल्पनिक नाम, वास्तविक नाम जांचाधीन), उसके साथी अजय और विजय ने मिलकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के निवासियों को निशाना बनाया। पीड़ितों को आकर्षक प्रॉपर्टी डील के लालच देकर उनके बैंक खातों से सीधे पैसे उड़ाए जाते थे। एक मामले में दिल्ली के एक व्यवसायी ने 1.5 करोड़ रुपये गंवा दिए, जब आरोपी ने फर्जी रजिस्ट्री पेपर दिखाकर डील फाइनल की।

जारचा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया, “गिरोह के सदस्य फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क बनाते थे। वे नकली स्टांप पेपर, आधार कार्ड और रजिस्ट्री दस्तावेज बनाकर ठगी करते। मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की गई, जिसमें तीनों आरोपी धर दबोचे गए।” बरामद स्कॉर्पियो कार ठगी के पैसे से खरीदी गई थी, जबकि मोबाइल फोन और एटीएम कार्डों से लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड मिला है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अन्य राज्यों में भी इसी तरह की 10 से अधिक वारदातें कबूल चुके हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा को सूचित कर दिया है। एसएसपी सहारनपुर डॉ. विपिन त्रिपाठी ने इसे जनहित में बड़ी सफलता बताते हुए कहा, “ऐसे गिरोहों के खिलाफ सतत कार्रवाई जारी रहेगी। जनता से अपील है कि प्रॉपर्टी डील में सतर्क रहें और रजिस्ट्री की पूरी जांच कराएं।” पुलिस अन्य संभावित शिकारों की तलाश में जुटी है। जांच जारी है।

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