पंजाब हिंसा: सुखबीर सिंह बादल के सहयोगी पर पंजाब में अज्ञात हमलावरों ने की गोलीबारी, अस्पताल में भर्ती; SAD नेता ने की कड़ी निंदा

पंजाब हिंसा: अमृतसर/चंडीगढ़, पंजाब में राजनीतिक हिंसा की एक और घटना ने पूरे राज्य को चौंका दिया है। Shiromani Akali Dal (SAD) के प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के एक करीबी सहयोगी पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। घटना में सहयोगी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना सोमवार देर शाम हुई, जब SAD नेता के सहयोगी पर अज्ञात व्यक्तियों ने अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों की संख्या और पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही है।

घटना की विस्तृत जानकारी:
सूत्रों के मुताबिक, सहयोगी SAD पार्टी के स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता थे और सुखबीर सिंह बादल के निकटवर्ती विश्वस्त सहयोगियों में शामिल थे। गोलीबारी के बाद तुरंत मेडिकल मदद मुहैया कराई गई और उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताते हुए कहा है कि खतरा अभी टला नहीं है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से ही विपक्षी दलों की ओर से सत्ताधारी AAP सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। SAD ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि राज्य में बढ़ती हिंसा और लक्षित हत्याओं ने आम जनता के साथ-साथ राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है।

पिछले संदर्भ और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
पंजाब में पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों पर हमले शामिल हैं। SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल खुद 2024 में स्वर्ण मंदिर में ‘सेवा’ करते समय एक हत्या के प्रयास से बाल-बाल बचे थे, जिसमें एक पूर्व आतंकवादी ने उन पर गोली चलाई थी। विपक्षी दलों ने इस नई घटना पर AAP सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस और अन्य दलों ने कहा कि पंजाब में ‘गैंगस्टर राज’ चल रहा है और पुलिस पूरी तरह से विफल साबित हो रही है।

पुलिस जांच:
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच तेज कर दी गई है। हमलावरों की तलाश में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस ने इस घटना को ‘संगठित अपराध’ की संभावना से इनकार नहीं किया है। यह एक विकासशील खबर है। आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा। राज्य की सुरक्षा स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि ऐसी घटनाएं न केवल राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करती हैं बल्कि पूरे पंजाब के माहौल को भी तनावपूर्ण बना देती हैं। यह रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित है और निष्पक्षता बनाए रखते हुए लिखी गई है। पाठकों को सलाह है कि आधिकारिक अपडेट्स के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें।

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