दादरी की बेटी प्रियंका हत्याकांड: नई दिल्ली/दादरी। गौतमबुद्ध नगर के दादरी क्षेत्र स्थित सादोपुर गांव की बेटी प्रियंका की दिल्ली में बेहद वीभत्स तरीके से हत्या कर दी गई। सबसे झकझोर देने वाली बात यह रही कि जिस दिन प्रियंका का जन्मदिन था, उसी दिन तड़के उसके पति और दिल्ली पुलिसकर्मी मनीष भाटी ने कथित रूप से उसे गोली मार दी। घटना ने पूरे गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली-एनसीआर को हिलाकर रख दिया है।
जन्मदिन की रात हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक प्रियंका पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके में अपने पति मनीष भाटी के साथ रहती थी। मनीष दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। रविवार रात प्रियंका का जन्मदिन मनाया गया था, इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर पति उसे स्कूटी से लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल ले जा रहा था। रास्ते में पति-पत्नी के बीच किसी बात पर विवाद हो गया।
कल्याणपुरी में मेट्रो पिलर के पास चली गोली
पुलिस के अनुसार कल्याणपुरी क्षेत्र में मेट्रो पिलर संख्या-90 के पास आरोपी ने स्कूटी रोक दी और कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से पत्नी के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही प्रियंका सड़क पर गिर पड़ी और आरोपी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार एक डिलीवरी बॉय की नजर घायल महिला पर पड़ी, जिसने तुरंत उसे ऑटो से अस्पताल पहुंचाया। एलबीएस अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी वारदात
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई है। फुटेज में देर रात करीब तीन बजे स्कूटी रुकती दिखती है, इसके तुरंत बाद महिला सड़क पर गिरती नजर आती है और आरोपी वहां से भाग खड़ा होता है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस की कई टीमें दिल्ली-एनसीआर में आरोपी की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं।
दादरी के सादोपुर गांव की थी बेटी, गांव में शोक की लहर
मृतका प्रियंका गौतमबुद्ध नगर जिले के दादरी क्षेत्र स्थित सादोपुर गांव की मूल निवासी थी। सोमवार शाम गांव में गमगीन माहौल के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम रहीं। प्रियंका की शादी फरवरी 2023 में ग्रेटर नोएडा के सलेमपुर गांव निवासी मनीष भाटी से हुई थी। प्रियंका दिल्ली के अशोक विहार इलाके में एक निजी स्कूल में शिक्षिका थी।
दहेज प्रताड़ना का आरोप, पिता बोले- 50 लाख और स्कॉर्पियो की थी मांग
प्रियंका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही मनीष और उसके परिवार वाले दहेज में 50 लाख रुपये और एक स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहे थे। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार पंचायत भी बुलाई गई और समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके। मृतका के पिता का यह भी आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर बेटी को अक्सर पीटा जाता था और इस संबंध में पहले महिला थाने में शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी थी। परिजनों के अनुसार प्रियंका कुछ समय के लिए मायके भी आ गई थी, लेकिन समझौते के बाद वापस ससुराल लौट गई थी। परिवार का दावा है कि जन्मदिन के दिन ही दहेज की मांग को लेकर हुए विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई। कुछ रिपोर्टों में यह आरोप भी सामने आया है कि इस साजिश में मनीष के अलावा उसकी मां और बड़े भाई की भूमिका भी हो सकती है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या व दहेज प्रताड़ना का मामला
परिजनों की शिकायत और एसडीएम के समक्ष दिए गए बयानों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने हत्या और दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पूर्वी दिल्ली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी कांस्टेबल मनीष भाटी फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली-एनसीआर में कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस और शिक्षा से जुड़ा है परिवार
प्रियंका का परिवार लंबे समय से पुलिस और शिक्षा सेवा से जुड़ा रहा है। बताया जाता है कि उसकी बड़ी बहन दिल्ली पुलिस में कार्यरत है, एक भाई भी पुलिस सेवा में है, जबकि दूसरी बहन प्रोफेसर है और एक अन्य भाई शिक्षण क्षेत्र से जुड़ा है। परिवार की बेटी की इस दर्दनाक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि घटना के हर पहलू — पारिवारिक विवाद, दहेज प्रताड़ना के आरोप और हत्या के पीछे की असली वजह — की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मामले की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खबर में दिए गए आरोप पीड़ित परिवार व शुरुआती पुलिस जांच पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है, आगे की पुष्टि पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर होगी।

