Smart Meter : लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा गठित चार सदस्यीय टीम की निगरानी में सैंपल स्मार्ट मीटर विभागीय लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं।
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शनिवार को चयनित स्मार्ट मीटरों को गोमती नगर स्थित विभागीय प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा गया, जहां जांच समिति की मौजूदगी में इनके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की तकनीकी पड़ताल की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, उपभोक्ता परिषद ने विभागीय लैब में होने वाली जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। परिषद का कहना है कि स्मार्ट मीटर परियोजना से जुड़े निर्माता और औद्योगिक हित जांच रिपोर्ट को प्रभावित कर सकते हैं। परिषद ने यह भी सवाल किया कि क्या विभागीय लैब में मीटर के सभी तकनीकी पहलुओं की निष्पक्ष जांच संभव है और कंपोनेंट्स की गुणवत्ता व स्रोत की स्वतंत्र जांच कौन करेगा।
परिषद ने पावर कॉरपोरेशन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू करने से पहले किन-किन स्तरों पर परीक्षण किया गया था और उसके क्या परिणाम रहे।
गौरतलब है कि प्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर विरोध जता रही हैं। उपभोक्ताओं की मांग है कि उन्हें केंद्र सरकार के प्रावधानों के तहत प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर के बीच चयन का अधिकार दिया जाए।
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