नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन जारी: हिंसा के बाद सरकार ने बढ़ाई मजदूरी, पाकिस्तान लिंक की जांच में 350 से ज्यादा गिरफ्तार

नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन जारी: नोएडा में कम मजदूरी की मांग को लेकर फैक्ट्री मजदूरों का प्रदर्शन मंगलवार 14 अप्रैल 2026 को भी जारी रहा। सोमवार को शांतिपूर्ण शुरू हुए प्रदर्शन कुछ जगहों पर हिंसक हो गए, जिसमें पत्थरबाजी, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए।

मजदूरों की मुख्य मांग मासिक वेतन कम से कम 20,000 रुपये करने की थी। वे हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में की गई मजदूरी वृद्धि के बराबर वेतन, भत्तों में समानता, अप्रेंटिसशिप के दौरान और बाद में उचित वेतन (90 रुपये प्रति घंटा से घटकर 50 रुपये हो जाना), नौ महीने में छंटनी और फिर दोबारा नियुक्ति जैसी प्रथाओं को रोकने की मांग कर रहे थे। कई मजदूर 12 घंटे की शिफ्ट में 11,000-15,000 रुपये महीना कमाने की शिकायत कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे और अधिकारी मजदूरों को आगामी वेतन वृद्धि के बारे में समझा रहे थे, लेकिन कुछ बाहरी तत्वों (मिस्क्रिएंट्स) ने स्थिति का फायदा उठाया। सेक्टर 80, 121 (गढ़ी चौखंडी गांव), 63 और मोथरसन कंपनी के पास जैसे इलाकों में पत्थरबाजी और हिंसा की घटनाएं हुईं। सोमवार की हिंसा में वाहनों को आग लगाई गई, संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई और यातायात प्रभावित हुआ।

यूपी सरकार की प्रतिक्रिया:
हिंसा के एक दिन बाद यूपी सरकार ने अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल मजदूरों के लिए अधिकतम 3,000 रुपये तक की वेतन वृद्धि मंजूर कर दी, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अब अकुशल मजदूरों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़कर 13,690 रुपये, अर्ध-कुशल 15,059 रुपये और कुशल 16,868 रुपये हो गया है। यह अंतरिम फैसला है; बाद में वेज बोर्ड के जरिए स्थायी समाधान होगा। चार में से चार मजदूरों की मांगें मान ली गई हैं और बाकी के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।

साजिश और पाकिस्तान लिंक की जांच:
यूपी श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार की हिंसा को “सुनियोजित साजिश” बताया और इसमें “एंटी-नेशनल फोर्सेज” तथा संभावित पाकिस्तान कनेक्शन की जांच की बात कही। हाल ही में नोएडा और मेरठ से चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से लिंक बताए गए हैं। पुलिस ने कहा कि मजदूर शांतिपूर्ण रूप से तितर-बितर होने के बाद बाहरी जिलों से आए कुछ लोग उकसाने की कोशिश कर रहे थे।

अब तक 350 से ज्यादा लोग आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 100 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने अफवाहें फैलाने वाले दो एक्स हैंडल्स और 50 से ज्यादा बॉट अकाउंट्स की पहचान की है, जिनकी डिजिटल जांच एसटीएफ कर रही है।

पुलिस की तैयारियां:
डीजीपी राजीव कृष्णा समेत वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। भारी तैनाती (आरआरएफ, आरएएफ, पीएसी की कंपनियां), ड्रोन सर्विलांस और फ्लैग मार्च चलाया जा रहा है। डीजीपी ने शांति की अपील की और चेतावनी दी कि हिंसा, आगजनी या संपत्ति क्षति करने वालों से मुआवजा वसूला जाएगा। मजदूरों की शिकायतों को लेकर सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने का दावा कर रही है, जबकि पुलिस स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताते हुए अफवाहों से बचने की सलाह दे रही है। प्रदर्शन के कारण नोएडा के कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा है। यह घटनाक्रम हरियाणा की हालिया मजदूरी वृद्धि से प्रेरित लगता है, लेकिन हिंसा ने इसे साजिश का रंग दे दिया है। जांच जारी है और आगे की जानकारी सामने आने की संभावना है।

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