पश्चिम बंगाल चुनाव: डायमंड हार्बर और मग्राहाट पश्चिम में 15 बूथों पर कल होगा चुनाव, EVM टैम्परिंग के आरोपों के बाद ECI का फैसला 

पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के एक दिन बाद चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर और मग्राहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में 15 मतदान केंद्रों पर कल (2 मई) रिपोलिंग का आदेश दे दिया है। इसमें मग्राहाट पश्चिम में 11 बूथ और डायमंड हार्बर में 4 बूथ शामिल हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।

29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान में फलता, डायमंड हार्बर, मग्राहाट और बजबज विधानसभा क्षेत्र से थी कुल 77 शिकायतें चुनाव आयोग को मिली थीं। इनमें सबसे ज्यादा 32 शिकायतें फलता से, 29 डायमंड हार्बर से, 13 मग्राहाट से और 3 बजबज विधानसभा क्षेत्र से थी। आरोपों में EVM बटनों पर ब्लैक टेप चिपकाना, चिपचिपा पदार्थ, स्याही और यहां तक कि परफ्यूम लगाने का मामला शामिल है, जिससे कुछ उम्मीदवारों के बटन दबाने में दिक्कत हुई। मग्राहाट पश्चिम में एक गंभीर आरोप स्पाई कैमरा का भी था, जिसमें मतदाताओं की जेब में कैमरा रखकर वोटिंग की निगरानी करने का दावा किया गया।  चुनाव आयोग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर स्पेशल ऑब्जर्वर डॉ. सुब्रत गुप्ता ने प्रभावित बूथों का निरीक्षण किया और रिपोर्ट के आधार पर रिपोलिंग का फैसला लिया गया। फलता क्षेत्र में अभी और जांच चल रही है, वहां का फैसला बाद में आने की संभावना है।

आम जनता और स्थानीय प्रतिक्रियाएं:

दक्षिण 24 परगना के इन इलाकों में मतदाताओं में मिश्रित भावनाएं हैं। कई स्थानीय लोग, खासकर बुजुर्ग मतदाता, रिपोलिंग से परेशान दिख रहे हैं। एक 65 वर्षीय मतदाता रामेश्वर मंडल ने कहा, “हम पहले ही वोट डाल चुके थे। अब दोबारा आना पड़ेगा। लेकिन अगर धांधली हुई है तो फिर से वोट देंगे, सही प्रक्रिया होनी चाहिए।” युवा मतदाताओं में गुस्सा साफ दिख रहा है— “EVM में टेप लगाना क्या मजाक है? आयोग को सख्ती बरतनी चाहिए।”

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है। एक यूजर ने लिखा, “डायमंड हार्बर मॉडल फिर सामने आ गया। EVM टैम्परिंग के आरोप बार-बार क्यों?” वहीं कुछ ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि “हर हार को धांधली बताना उनकी पुरानी आदत है।” TMC समर्थकों का कहना है कि BJP जानबूझकर विवाद खड़ा कर रही है, जबकि BJP कार्यकर्ता EVM में हेराफेरी का मुद्दा उठा रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल था। मतदान के दिन कुछ जगहों पर हिंसा और धमकी की शिकायतें भी आई थीं। सीएम ममता बनर्जी के polling booths के पास होने को लेकर भी विवाद हुआ था।

चुनाव आयोग का रुख:

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी बूथ पर साबित होने वाली अनियमितता पर रिपोलिंग अनिवार्य है। आयोग का फोकस स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने पर है। पूरे बंगाल में दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत करीब 91.66% रहा, जबकि कुल प्रोविजनल टर्नआउट 92.4% के आसपास बताया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

BJP ने EVM टैम्परिंग के आरोपों को गंभीर बताते हुए रिपोल की मांग की थी। TMC ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया और कहा कि विपक्ष हार के बहाने तलाश रहा है। दोनों ही पार्टियां अब रिपोलिंग में अपनी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

कल की तैयारियां:

प्रशासन ने 15 बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है। अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। मतदाताओं को नए सिरे से वोट डालने के लिए सूचित किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस रिपोलिंग का उन 15 बूथों के नतीजों पर असर पड़ेगा, लेकिन बड़े पैमाने पर समग्र नतीजों को प्रभावित करने की संभावना कम है। यह घटना एक बार फिर EVM की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। चुनाव आयोग की सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई से लोकतंत्र की मजबूती पर भरोसा बढ़ सकता है। आगे की स्थिति पर नजर बनी रहेगी।

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