US Strikes Iran: अमेरिका ने ईरान पर नए हमले तेज किए, दो सैनिकों की मौत के बाद ईरान ने खाड़ी सहयोगियों पर दागे मिसाइल-ड्रोन

US Strikes Iran: वाशिंगटन/दुबई, मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आग एक बार फिर भड़क उठी है। जॉर्डन में ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत और एक के लापता होने के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए एयरस्ट्राइक्स शुरू कर दिए। जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों (Gulf allies) पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और बिगड़ गई है।

US Central Command (CENTCOM) ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शाम 6 बजे (ET) ईरान पर हमले शुरू किए गए। इन हमलों का मकसद ईरान की Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों को धमकी देने की क्षमता को और कमजोर करना तथा Jordan में अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने वाले Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) को सजा देना है। ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान के Sirik इलाके में हमले हुए, हालांकि वहां बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई। शुक्रवार रात Jordan के Al Azraq US बेस पर ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए, जबकि एक लापता है। इस घटना के साथ युद्ध शुरू होने के बाद कुल अमेरिकी सैनिकों की मौत 16 हो गई है। Defense Secretary Pete Hegseth ने X (पूर्व Twitter) पर लिखा, “उनकी बलिदान हमारी संकल्प शक्ति को और मजबूत करती है।”

ईरान की जवाबी कार्रवाई:
 ईरान ने Kuwait, Bahrain, Jordan और Saudi Arabia समेत US सहयोगी देशों पर हमले किए। Kuwait में Camp Arifjan और Ali Al Salem Air Base पर IRGC ने हमला किया, जहां तेल सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुईं और कुछ लोग घायल हुए। Bahrain के Sheikh Isa Air Base और Jordan के बेस पर भी हमलों की रिपोर्ट है। Saudi Arabia में Al-Kharj और Yanbu क्षेत्रों में अलर्ट जारी किए गए, यह तीन महीने में Saudi पर पहला हमला बताया जा रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने कहा कि अमेरिका “संघर्ष बढ़ाने” की कीमत चुकाएगा और ट्रंप का हस्ताक्षर “बेकार” साबित हुआ है।

Strait of Hormuz का संकट:
विश्व के तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरने वाला यह जलडमरूमध्य युद्ध का प्रमुख केंद्र बन गया है। अमेरिका ने नौसैनिक ब्लॉकेड लगाई है, जबकि ईरान ने नियमों का हवाला देकर जहाजों को निशाना बनाया। EU और Gulf देशों ने ईरान से जलमार्ग खुला रखने की अपील की है। पिछले तीन हफ्तों में US हमलों में ईरान में 50 से ज्यादा लोग मारे गए और 500 घायल हुए।

पृष्ठभूमि:
 यह तनाव फरवरी के अंत में US-इजराइल के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ था, जिसका मकसद ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और प्रॉक्सी ग्रुप्स को कमजोर करना था। एक महीने पहले अंतरिम ceasefire हुआ था, लेकिन पिछले हफ्ते वह टूट गया। युद्ध ने ऊर्जा आपूर्ति बाधित कर दी है और वैश्विक मुद्रास्फीति के खतरे को बढ़ाया है।

वैश्विक प्रतिक्रिया:
 US State Department ने दुनिया भर में यात्रा अलर्ट जारी किया। UN Secretary-General Antonio Guterres ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों पर चिंता जताई।

विश्लेषण:
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों की कार्रवाइयां क्षेत्र को पूर्ण युद्ध की ओर ले जा रही हैं। Hormuz पर नियंत्रण की लड़ाई न केवल मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है। ट्रंप प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है, जबकि ईरान अपने क्षेत्रीय प्रभाव को बनाए रखने के लिए proxy हमलों पर निर्भर है। स्थिति तेजी से बदल रही है। सूत्रों के अनुसार, आगे की घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी है।

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