Ink scandal at Jantar Mantar: बरखा त्रेहन पर शक, सोनम वांगचुक अस्पताल में, पत्नी ने कोर्ट में लगाई दस्तक

Ink scandal at Jantar Mantar: नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को दो बड़ी घटनाओं ने सुर्खियां बटोरीं। एक ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने मंच पर पहुंचकर नीली स्याही फेंक दी और थप्पड़ मारने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर पिछले तीन सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती सेहत के चलते सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और शिक्षा सुधार, NEET पेपर लीक तथा बड़े मुद्दों पर चल रहे आंदोलन को नया मोड़ दे रही हैं।

घटना का विस्तृत घटनाक्रम

अभिजीत दीपके अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे, तभी एक महिला मंच के निकट पहुंची और उन पर नीली स्याही उछाल दी। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि महिला ने स्याही फेंकने के साथ थप्पड़ मारने की भी कोशिश की। घटना से माहौल में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन दीपके ने समर्थकों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “नीला मेरा रंग है, जय भीम।” दिल्ली पुलिस ने महिला को तुरंत हिरासत में लिया। ले जाते समय महिला ने मारपीट का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर महिला की पहचान बरखा त्रेहन के रूप में सामने आई, जो खुद को “पुरुष आयोग” (मेन्स कमीशन) की अध्यक्ष बताती हैं। बरखा त्रेहन पहले उन्नाव रेप केस में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में जंतर-मंतर पर सक्रिय रही थीं। यह घटना ठीक उसी समय हुई जब सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। वांगचुक 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और CJP के आंदोलन का समर्थन कर रहे थे।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और अस्पताल में भर्ती

सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से अपील की कि बिना परिवार की सहमति के कोई ओरल या IV उपचार न दिया जाए। उन्होंने अस्पताल की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और सेकंड ओपिनियन की मांग की। वांगचुक ने भर्ती के बाद भी आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया था। CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की और 20 जुलाई को प्रस्तावित “संसद चलो” मार्च के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की है।

बरखा त्रेहन कौन हैं?

बरखा त्रेहन पुरुष अधिकारों की पैरवी करने वाली कार्यकर्ता हैं। उन्होंने “पुरुष आयोग” ट्रस्ट की स्थापना की है। पहले वे उन्नाव मामले में कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में जंतर-मंतर पर पहुंची थीं, जहां पीड़िता समर्थकों के साथ उनकी तीखी बहस हुई थी। सोशल मीडिया पर इस घटना को धार्मिक भावनाओं के अपमान के विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

प्रतिक्रियाएं और आगे क्या?

अभिजीत दीपके ने घटना को हल्के में लिया और आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया। दिल्ली पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया है और जांच चल रही है। गीतांजलि अंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट में सोनम वांगचुक की सेहत और कानूनी स्थिति पर तत्काल सुनवाई की मांग की है। यह घटनाएं 20 जुलाई के “संसद चलो” अभियान से पहले माहौल को और तनावपूर्ण बना रही हैं। CJP का आंदोलन NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को केंद्र में रखे हुए है। दिल्ली हाईकोर्ट में सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका पर सुनवाई की उम्मीद है। पुलिस महिला की भूमिका की जांच कर रही है। आंदोलनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील पर अड़े हुए हैं।

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