एयरपोर्ट का फर्जी कर्मचारी बनकर 3 लाख उड़ाए, अब पहुंचा सलाखों के पीछे

New Delhi news  एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर आॅनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर ठग को उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिला साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को आईजीआई एयरपोर्ट का कर्मचारी बताकर नौकरी तलाशने वालों को अपने जाल में फंसाता था। उसने शिव विहार निवासी महिला के 20 वर्षीय बेटे को कैबिन क्रू की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3 लाख 3 हजार 120 रुपये ठग लिए।

जुलाई 2024 में महिला की सोशल मीडिया के जरिए आरोपी से बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने एयरपोर्ट में अपनी पहुंच का हवाला देते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बाद सुरक्षा जमा, दस्तावेजीकरण और भर्ती प्रक्रिया के नाम पर रकम मांगता रहा। महिला ने 17 सितंबर से 26 दिसंबर 2024 के बीच 16 आॅनलाइन लेन-देन में 3.03 लाख रुपये आरोपी को दे दिए।
रकम हाथ लगते ही आरोपी ने अपना रंग दिखाया। उसने महिला को सोशल मीडिया पर अवरुद्ध कर दिया और फोन उठाना बंद कर दिया। शिकायत मिलने पर साइबर थाना उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

*तकनीकी सुरागों से पकड़ा गया*

पुलिस टीम ने बैंक लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की तलाश की। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राहुल कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल नितिन कुमार, हेड कांस्टेबल अंकित तोमर और कांस्टेबल सौरभ की टीम ने आरोपी का सुराग तलाशते हुए उसे 6 अगस्त को मधु विहार से दबोच लिया।
आरोपी की पहचान राजीव कुमार (32), निवासी मंडावली, दिल्ली के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के समय वह एक स्टोर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था।अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन और ठगी की रकम से संबंधित बैंक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

*नौकरी के नाम पर ठगी का पूरा खेल*

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर नौकरी तलाशने वालों को निशाना बनाता था। खुद को एयरपोर्ट कर्मचारी बताकर विश्वास जीतने के बाद सुरक्षा जमा, भर्ती शुल्क और दस्तावेजीकरण के नाम पर किस्तों में रकम लेता था। पैसे मिलने के बाद पीड़ितों को ब्लॉक कर देता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने चैट डिलीट करने के साथ अपराध में इस्तेमाल सिम कार्ड भी नष्ट कर दिया था। ठगी की रकम उसने निजी खर्च और कर्ज चुकाने में इस्तेमाल की।

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