Jewar Medical Hub: जेवर में बनेगा एम्स से बेहतर मेडिकल हब, सीएम योगी को लिखा पत्र

Jewar Medical Hub: जेवर (गौतमबुद्ध नगर)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद अब जेवर को विश्वस्तरीय मेडिकल टूरिज्म, मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर रिसर्च का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित पांच रीजनल मेडिकल हब में से एक को जेवर में स्थापित कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव भेजने और YEIDA क्षेत्र में उपयुक्त जमीन चिन्हित कर परियोजना का प्रस्ताव तैयार कराने की मांग की है।

विधायक के अनुसार, प्रस्तावित मेडिकल हब सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं, मेडिकल कॉलेज, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च सेंटर, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स, आयुष सेंटर, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म (एमवीटी) फैसिलिटेशन सेंटर, पोस्ट-ट्रीटमेंट केयर और रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। उनका लक्ष्य ऐसा संस्थान बनाना है जो सुविधाओं, तकनीक और रिसर्च के मामले में एम्स नई दिल्ली से भी आगे हो।

इस संबंध में शुक्रवार (7 अगस्त) शाम करीब चार बजे लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। विधायक ने बताया कि एयरपोर्ट, दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी और यमुना एक्सप्रेसवे की उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के कारण जेवर इस परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। इससे गौतमबुद्ध नगर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही मेडिकल शिक्षा, रिसर्च, मेडिकल टूरिज्म और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पृष्ठभूमि और केंद्र का प्रस्ताव
केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पांच रीजनल मेडिकल हब स्थापित करने का समर्थन देने की घोषणा की थी। ये हब एकीकृत हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स के रूप में काम करेंगे, जहां चिकित्सा सेवाएं, शिक्षा और रिसर्च एक साथ उपलब्ध होंगी। इनमें आयुष केंद्र, एमवीटी फैसिलिटेशन सेंटर, एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-ट्रीटमेंट केयर और रिहैबिलिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे।

इस घोषणा के बाद जुलाई 2026 के अंत में उत्तर प्रदेश सरकार ने गौतमबुद्ध नगर के जेवर को करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘यूपी केयर्स जेवर रीजनल मेडिकल हब’ परियोजना के लिए चुना था। लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह एकीकृत मेडिसिटी मल्टी-स्पेशियलिटी हेल्थकेयर, मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च, डायग्नोस्टिक्स और रिहैबिलिटेशन सुविधाओं को एक जगह लाएगा। विश्व बैंक ने प्रारंभिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है और मुख्य सचिव एसपी गोयल के समक्ष प्रस्तुति की योजना थी। YEIDA क्षेत्र में पहले से चल रही मेडिकल गतिविधियां
 यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क पहले से विकसित हो रहा है। यहां 101 से अधिक प्लॉट आवंटित हो चुके हैं और कई कंपनियों ने निर्माण शुरू कर दिया है। जापानी एजेंसियों के साथ एमओयू भी हुए हैं। जेवर एयरपोर्ट के पास यह पार्क मेडटेक मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नया मेडिकल हब इन सुविधाओं को और मजबूत करेगा।

क्षेत्रीय लाभ

जेवर की मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी—नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर और आसपास के औद्योगिक क्लस्टर—को देखते हुए यह परियोजना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मरीजों दोनों को आकर्षित कर सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं की कमी को देखते हुए स्थानीय लोगों को दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की भागदौड़ से राहत मिलेगी। डॉक्टर, नर्स, सहयोगी स्वास्थ्य कर्मियों और रिसर्च स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

विधायक धीरेंद्र सिंह के पत्र और YEIDA में जमीन चिन्हित करने की पहल के साथ यह परियोजना अब अगले चरण में जाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव भेजने और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। जेवर अब सिर्फ एयरपोर्ट और औद्योगिक हब नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का बड़ा केंद्र भी बनने जा रहा है।

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