अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को घोषणा की कि ईरान के साथ मध्य पूर्व युद्ध समाप्त करने के लिए प्रारंभिक शांति समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर रविवार को इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर हो जाएंगे। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय ने इस समयसीमा पर संदेह जताया है और कहा है कि कल (रविवार) हस्ताक्षर नहीं होंगे।
यह घटनाक्रम उस युद्ध के बीच हो रहा है जो 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों से शुरू हुआ था। युद्ध में हजारों लोग मारे गए, मुख्य रूप से ईरान और लेबनान में, और वैश्विक ऊर्जा कीमतें आसमान छू गईं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अवरुद्ध कर रखा था जो वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण रास्ता है जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा रखा था।
समझौते की रूपरेखा, सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में शामिल हैं:
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का तुरंत खुलना: ईरान इसे खोल देगा और अमेरिका अपना नौसैनिक ब्लॉकेड हटा लेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि समझौते के बाद जलडमरूमध्य “सभी के लिए खुला” होगा। फ्रोजेन ईरानी संपत्तियों (अरबों डॉलर) की रिहाई और तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बाद में 60 दिनों की बातचीत। अमेरिका का दावा है कि अंततः ईरान का उच्च संवर्धित यूरेनियम स्टॉक नष्ट किया जाएगा, जबकि ईरान इसे पतला रूप में रखना चाहता है। लेबनान में युद्ध समाप्ति, जिसमें इजराइल की वापसी का संकेत है, हालांकि इजराइल ने स्पष्ट किया कि वह समझौते का पक्षकार नहीं है और अपनी सुरक्षा कार्रवाई जारी रखेगा।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों पक्षों ने फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है और इस्लामाबाद रविवार के इलेक्ट्रॉनिक साइनिंग की तैयारी कर रहा है, इसके बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की बातचीत होगी। ट्रंप ने भी इसे “ग्रेट डील” बताया।
ईरान का विरोधाभासी रुख
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघई ने राज्य मीडिया को बताया, “हस्ताक्षर की सटीक तारीख के बारे में टिप्पणी करने से पहले इंतजार करना होगा, हालांकि यह कल (रविवार) नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह संभव है, लेकिन दूसरे पक्ष की हिचकिचाहट के कारण सतर्क रहना जरूरी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने शुक्रवार को कहा कि समझौता ईरान को मजबूत बनाकर उभरेगा। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह होर्मुज में “सर्विसेज” के लिए शुल्क वसूल सकता है और क्षेत्र में विदेशी सैन्य अड्डों के अंत की मांग कर रहा है।
हालिया तनाव और सैन्य कार्रवाई
समझौते की उम्मीद के बीच तनाव जारी रहा। शनिवार को अमेरिकी बलों ने होर्मुज की ओर जा रहे ईरानी हमले वाले ड्रोनों को मार गिराया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि जलडमरूमध्य खुला है। ईरान ने लंबे समय से इसे ब्लॉक कर रखा था। यह पहली बार नहीं है जब दोनों पक्ष करीब दिखे हों। पिछले महीनों में कई बार ट्रंप ने डील की घोषणा की, लेकिन ईरान ने इसे “सट्टेबाजी” या “अटकलें” बताया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और प्रभाव
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ट्रंप से फोन पर ईरान संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने समझौते से दूरी बनाए रखी। विश्लेषकों का मानना है कि सफलता की स्थिति में वैश्विक तेल बाजार स्थिर होंगे, लेकिन असफलता से युद्ध फिर भड़क सकता है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामनेई ने पद संभाला है। उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह “मजबूत डील” है, जबकि ईरानी पक्ष सतर्क है। रविवार का दिन निर्णायक साबित हो सकता है, लेकिन दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों से स्पष्ट है कि अंतिम समझौता अभी भी चुनौतियों भरा है।

