कमिश्नरेट गाजियाबाद के अंतर्गत खोड़ा थाना क्षेत्र में अवैध संपत्तियों की चल रही जांच के दौरान मंगलवार को दो मदरसों को सील करने के बाद बुधवार को उन दोनों मदरसों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले में कुल तीन लोगों को अभियुक्त बनाया गया है और जांच कर रही पुलिस ने बताया कि मदरसे अल्पसंख्यक विभाग से अनुमोदन व पंजीकरण के बिना संचालित किए जा रहे थे। साथ ही, विद्युत आपूर्ति के संबंध में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया है। पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि खोड़ा थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से संपत्तियों की सतत जांच की जा रही थी। “कल ही दो मदरसों को सील किया गया था। आज उन मदरसों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता तथा भारतीय विद्युत अधिनियम की सम्बन्धित धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया है,” उन्होंने कहा। प्राथमिकी में कुल तीन व्यक्तियों का नाम दर्ज किया गया है तथा उनके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने कहा कि मदरसों के संचालक कोई वैध पंजीकरण या विभागीय अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि वहां अवैध तरीके से विद्युत कनेक्शन एवं आपूर्ति का प्रयोग किया जा रहा था, जिससे विद्युत अधिनियम के उल्लंघन से जुड़ी धाराएँ भी लागू की गईं। पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। मुकदमे की गति और आगे की कार्यवाही पर उन्होंने बताया कि मामले की गहनता से जांच जारी है और आवश्यक होने पर अन्य संबंधित संस्थानों से समन्वय कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्ती से कार्रवाई की जाए,” उन्होंने कहा। स्थानीय निवासी और अभिभावक भी इस कार्रवाई पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कुछ लोग प्रशासन की कार्यवाही का स्वागत कर रहे हैं और नियमों के अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं, जबकि कुछ ने आशंका जताई है कि पढ़ाई-पाठाई प्रभावित न हो। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और किसी भी व्यक्ति के मूल अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।
इस मामले में आगे क्या होगा:
पुलिस संबंधित दस्तावेजों, पंजीकरण और विद्युत कनेक्शन के रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है। आरोपियों के बयान लिए जा रहे हैं और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यदि आवश्यक हुआ तो अल्पसंख्यक विभाग, बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर तत्परता से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यह मामला गाजियाबाद पुलिस की उन हालिया पहलों का हिस्सा है, जिनके तहत नगर के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माण और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ छापे और जांच बढ़ाई गई है। पुलिस ने निवासियों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाना को दें।

