Road accidents wreak havoc in Uttar Pradesh: अतीक अहमद के बेटे अबान की मौत, हमीरपुर में बस-टैंकर भिड़ंत में तीन की जान गई

Road accidents wreak havoc in Uttar Pradesh: कानपुर/झांसी/हमीरपुर। उत्तर प्रदेश में गुरुवार को सड़क हादसों की कई दर्दनाक खबरें सामने आईं। एक ओर जहां माफिया डॉन से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर हमीरपुर में रोडवेज बस और तेल टैंकर की भीषण भिड़ंत में तीन लोगों की जान चली गई और दर्जनों घायल हो गए।

झांसी जेल में बंद भाई से मिलने जा रहे थे अबान, रास्ते में हुआ हादसा

अबान और उसका दोस्त सोनू एक सफेद क्रेटा कार में झांसी जेल जा रहे थे, तभी कार डिवाइडर से टकरा गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार अबान प्रयागराज से झांसी अपने भाई से मिलने जा रहा था, जब हाईस्पीड में चल रही कार अनियंत्रित होकर सड़क डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं और पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

अबान, अतीक अहमद और उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन का सबसे छोटा बेटा था। वह जेल से बाहर रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था, इसी दौरान झांसी में सड़क हादसे में उसकी जान चली गई। अतीक परिवार पहले से ही आपराधिक मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा है। उसका एक बेटा असद अहमद अप्रैल 2023 में उमेश पाल हत्याकांड के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की भी पुलिस हिरासत में मीडियाकर्मी बनकर आए हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। परिवार के अन्य बेटे अली अहमद और उमर अहमद फिलहाल अलग-अलग जेलों में बंद हैं और कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जबकि शाइस्ता परवीन अब भी फरार है और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है।

हमीरपुर: कानपुर-सागर हाईवे खून से लाल, बस-टैंकर की भिड़ंत में तीन की मौत

इसी बीच हमीरपुर जिले में भी बुधवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। कानपुर-सागर हाईवे पर कुंडौरा गांव के पास शिवमंदिर के सामने महोबा डिपो की रोडवेज बस (यूपी 78 एलएन 1519) और खाद्य तेल खाली कर कानपुर लौट रहे ऑयल टैंकर (यूपी 62 बीटी 9564) की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बस चालक निसार और टैंकर चालक सहित महोबा निवासी 65 वर्षीय नंदकिशोर नायक की मौत हो गई, जबकि करीब 19 लोग घायल हो गए। इनमें से नौ गंभीर घायलों को इलाज के लिए कानपुर रेफर करना पड़ा।

हादसे के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। घायलों की संख्या ज्यादा होने के कारण जिला अस्पताल की एंबुलेंस सेवा कम पड़ गई, जिसके चलते प्रशासन को निजी अस्पतालों से एंबुलेंस बुलानी पड़ीं। सुमेरपुर निवासी एक घायल के परिजन ने बताया कि एंबुलेंस मिलने में करीब एक घंटे की देरी हुई, जबकि मरीज की हालत गंभीर थी। हादसे में घायल हुई एक महिला अपनी बेटी के साथ बांदा जा रही थी, वहीं एक अन्य परिवार के तीन सदस्य भी चोटिल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस अपनी लेन में सही चल रही थी, तभी सामने से आ रहे टैंकर ने सीधी टक्कर मार दी।

लगातार हो रहे हादसों ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश के हाईवे पर सड़क हादसों की संख्या में इजाफा देखा गया है, खासकर कानपुर-सागर और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त मार्गों पर। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और चालकों की लापरवाही इन हादसों की प्रमुख वजह मानी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस दोनों ही मामलों में जांच में जुटे हैं और घायलों को बेहतर इलाज दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

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