ISSO नेशनल बैडमिंटन गेम्स 2026 का शानदार समापन, फाउंटेनहेड स्कूल ओवरऑल चैंपियन; प्रोमेथियस स्कूल रहा रनर-अप

नोएडा। प्रोमेथियस स्कूल, नोएडा में आयोजित पांच दिवसीय ‘ISSO नेशनल गेम्स 2026–बैडमिंटन’ का सोमवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक चले इस राष्ट्रीय खेल आयोजन में देशभर के 75 से अधिक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्कूलों के 600 से ज्यादा छात्र-एथलीटों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने स्कूल परिसर में बने अंतरराष्ट्रीय मानकों के 8 वातानुकूलित इनडोर बैडमिंटन कोर्ट पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के ओवरऑल परिणाम में फाउंटेनहेड स्कूल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। मेजबान प्रोमेथियस स्कूल, नोएडा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फर्स्ट रनर-अप, जबकि रॉकवुड्स इंटरनेशनल स्कूल ने सेकंड रनर-अप का स्थान हासिल किया।

प्रोमेथियस स्कूल के खिलाड़ियों का भी शानदार प्रदर्शन

मेजबान स्कूल के खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया। गर्ल्स अंडर-14 व्यक्तिगत स्पर्धा में प्रोमेथियस स्कूल की वान्या चौधरी ने स्वर्ण पदक जीतकर स्कूल का नाम रोशन किया। इसी आयु वर्ग की टीम स्पर्धा में भी प्रोमेथियस स्कूल ने फाइनल मुकाबला जीतकर पहला स्थान हासिल किया।

वहीं बॉयज अंडर-19 टीम स्पर्धा में प्रोमेथियस स्कूल की टीम ने तीसरा स्थान हासिल करते हुए पोडियम फिनिश किया।

व्यक्तिगत स्पर्धाओं में इन खिलाड़ियों ने मारी बाजी

ISSO नेशनल बैडमिंटन गेम्स 2026 की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में विभिन्न आयु वर्गों के खिलाड़ियों ने खिताब अपने नाम किए।

  • बॉयज अंडर-14: माधव शर्मा – जयश्री पेरीवाल ग्लोबल स्कूल
  • गर्ल्स अंडर-14: वान्या चौधरी – प्रोमेथियस स्कूल
  • गर्ल्स अंडर-14 उपविजेता: शानाया तक – रुस्तमजी कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, विरार
  • बॉयज अंडर-17: मुहम्मद अयान पटेल – फाउंटेनहेड स्कूल
  • गर्ल्स अंडर-17: मनीषा थिरुकोंडा विष्णु कुमार – एसएनबीपी वर्ल्ड स्कूल, पुणे
  • बॉयज अंडर-19: दक्ष गहलोत – रॉकवुड्स इंटरनेशनल स्कूल
  • गर्ल्स अंडर-19: सिओना गाला – फाउंटेनहेड स्कूल

टीम स्पर्धाओं में किस स्कूल ने जीता खिताब?

बॉयज अंडर-14 में येलो ट्रेन स्कूल ने पहला और रुस्तमजी कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, विरार ने दूसरा स्थान हासिल किया।

गर्ल्स अंडर-14 में प्रोमेथियस स्कूल चैंपियन रहा, जबकि मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल दूसरे स्थान पर रहा।

बॉयज अंडर-17 में फाउंटेनहेड स्कूल ने पहला और इंडस इंटरनेशनल स्कूल, बेंगलुरु ने दूसरा स्थान हासिल किया।

गर्ल्स अंडर-17 में द चिंतल्स स्कूल विजेता और द गौडियम स्कूल उपविजेता रहा।

बॉयज अंडर-19 में रॉकवुड्स इंटरनेशनल स्कूल ने पहला, संजय घोड़ावत इंटरनेशनल स्कूल ने दूसरा और प्रोमेथियस स्कूल ने तीसरा स्थान हासिल किया।

गर्ल्स अंडर-19 में फाउंटेनहेड स्कूल ने खिताब जीता, जबकि जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल दूसरे स्थान पर रहा।

‘खेल प्रतिभाओं को पढ़ाई के दबाव में नहीं छोड़ना चाहिए’

समापन समारोह के दौरान प्रोमेथियस स्कूल के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने देश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और ये युवा खिलाड़ी प्रतिदिन 6 से 8 घंटे कोर्ट पर मेहनत करते हैं।

उन्होंने कहा कि अक्सर 9वीं कक्षा के बाद जब बच्चे खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने लगते हैं, तो उन पर पढ़ाई का दबाव बढ़ा दिया जाता है और कई बच्चे खेल छोड़ देते हैं। अगर भारत को ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करना है तो खेल प्रतिभा रखने वाले बच्चों को विशेष अकादमिक सहयोग देना होगा।

मुकेश शर्मा ने कहा कि खिलाड़ियों को पारंपरिक शैक्षणिक मानकों के आधार पर देखने के बजाय उनकी खेल प्रतिभा और प्रतिबद्धता को भी महत्व देना जरूरी है। तभी भारत के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और ओलंपिक पोडियम पर देश का तिरंगा शान से लहरा सकेगा।

600 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाया खेल कौशल

ISSO नेशनल बैडमिंटन गेम्स 2026 ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवा खिलाड़ियों को एक बड़े राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। पांच दिनों तक चले मुकाबलों में खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा के साथ खेल भावना और अनुशासन का भी प्रदर्शन किया। आयोजन के सफल समापन के साथ ही फाउंटेनहेड स्कूल ने ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी, जबकि मेजबान प्रोमेथियस स्कूल ने फर्स्ट रनर-अप की ट्रॉफी हासिल की।

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