जंतर-मंतर पर CJP का धरना चौथे दिन भी जारी, पेपर लीक पर सरकार को घेरा — किसानों ने भी थामा छात्रों का हाथ

नई दिल्ली। देश में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना मंगलवार को चौथे दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। धरना स्थल पर छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर डटे हुए हैं और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं।

पुलिस और CJP संस्थापक में ठनी — आधार-पैन मांगने पर उठे सवाल

धरने के तीसरे दिन उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई जब CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दीपके ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर आने वाले लोगों से आधार कार्ड और पैन कार्ड की मांग की जा रही है — चाहे वे प्रदर्शन में शामिल होने आए हों, भोजन पहुंचाने आए हों या केवल पानी देने।

दीपके ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा —

“यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है। लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करना और उनकी निजी जानकारी जुटाना सीधे तौर पर निजता के अधिकार का उल्लंघन है।”

उन्होंने कहा कि आधार कार्ड के जरिए किसी भी व्यक्ति की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच बनाई जा सकती है, इसलिए यह मामला गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया।

किसानों ने थामा छात्रों का हाथ — BKU चढूनी गुट उतरा समर्थन में

आंदोलन को उस समय बड़ी ताकत मिली जब भारतीय किसान यूनियन (BKU) के चढूनी गुट ने आंदोलन को अपना समर्थन देने की औपचारिक घोषणा की। संगठन ने न केवल छात्रों के साथ खड़े होने का निर्णय लिया बल्कि प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी मांगें भी रखने का ऐलान किया।

इससे पहले CJP संस्थापक दीपके ने देशभर के किसानों और मजदूरों से जंतर-मंतर पहुंचकर इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी। किसानों के समर्थन का स्वागत करते हुए दीपके ने कहा —

“छात्र और किसान — ये दोनों वर्ग देश के भविष्य और विकास की नींव हैं। जब ये दोनों एक साथ खड़े होते हैं तो सरकार को सुनना ही पड़ता है।”

BKU चढूनी गुट के इस फैसले से प्रदर्शनकारियों में नया जोश और उत्साह देखने को मिला।

प्रदर्शनकारियों का ऐलान — मांगें पूरी होने तक नहीं हटेंगे

धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस और दृश्यमान कदम नहीं उठाती, यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं —

  • पेपर लीक की घटनाओं पर पूर्ण रोक और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
  • शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार — परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा

स्वयंसेवकों की मेहनत बनी आंदोलन की रीढ़

धरना स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने में स्वयंसेवकों की बड़ी भूमिका है। प्रदर्शनकारियों के लिए चाय, समोसे और पानी की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। सैकड़ों स्वयंसेवक सुबह से देर रात तक बिना किसी प्रचार की चाह के सेवाकार्य में जुटे हैं।

CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने इन कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा —

“ये वो लोग हैं जो कैमरे के सामने नहीं आते, लेकिन आंदोलन को जिंदा रखते हैं। असली ताकत यही है।”

अभिजीत दीपके ने भी कहा कि किसी भी जन आंदोलन की असली शक्ति वे गुमनाम कार्यकर्ता होते हैं जो पर्दे के पीछे रहकर सब कुछ संभालते हैं।

आगे क्या — सरकार की चुप्पी से बढ़ रहा तनाव

चार दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में किसान संगठनों के जुड़ने से आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। देखना यह होगा कि सरकार कब तक इस दबाव को नजरअंदाज कर पाती है।

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