CJP प्रदर्शन में ‘खोपड़ी तोड़ने’ का दावा करने वाले इन्फ्लुएंसर पर FIR में नया मोड़, SC/ST एक्ट भी जोड़ा गया

नई दिल्ली। एक वायरल पॉडकास्ट में खुद को बेखौफ अंदाज में पेश करते हुए एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारी के पिता की “खोपड़ी तोड़ दी” थी, लेकिन राजनीतिक पहुंच होने के कारण उन्हें जेल तक नहीं जाना पड़ा। इस बयान के सामने आते ही भाजपा और विपक्ष के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है।

पॉडकास्ट में भारद्वाज भाजपा के शीर्ष नेताओं से अपने कथित संबंधों का जिक्र करते हुए यह दावा करते नजर आए कि इन्हीं संबंधों की वजह से वे गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहे। इस बयान के वायरल होने के बाद जबरदस्त हंगामा मच गया, हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि पीड़ित को लगी चोटें गंभीर नहीं थीं और भारद्वाज से इस मामले में पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।

क्या है पूरा मामला

भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने संजय कुमार पर हमला किया था, जो परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर हुए Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व वाले आंदोलन में शामिल एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता हैं। इंडिया टुडे को विशेष रूप से मिली FIR के अनुसार, यह घटना 23 जून को हुई थी। पटना के कंकड़बाग निवासी भारद्वाज को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

विवाद बढ़ने पर विपक्ष सड़क पर उतरा

जैसे-जैसे विवाद गहराता गया, CJP के सह-संयोजक सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने कहा कि पॉडकास्ट को जांच में शामिल किया जाएगा और उन्होंने एक्टिविस्ट के खिलाफ दर्ज FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं।

पॉडकास्ट में भारद्वाज ने क्या दावा किया

पॉडकास्ट में भारद्वाज बड़ी सहजता से यह दावा करते दिखे कि उन्होंने प्रदर्शनकारी के पिता की खोपड़ी तोड़ दी थी, जिन्हें 60 टांके लगाने पड़े थे। उन्होंने कहा, “पता है यह किस धारा में आता है? धारा 307 (हत्या के प्रयास)। वह तो एम्बुलेंस में लगभग मरने की हालत में था।” गौरतलब है कि इंस्टाग्राम पर भारद्वाज के 1.84 लाख फॉलोअर्स हैं।

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