पुलिस चोर: ट्रक ड्राइवर ने पुलिसकर्मी को दी लिफ्ट, 20 हजार रुपये गायब; फिर शुरू हुआ 13 किमी का सनसनीखेज पीछा, सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड

पुलिस चोर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक वर्दीधारी सब-इंस्पेक्टर पर ट्रक ड्राइवर से लिफ्ट लेने के बाद उसके 20,000 रुपये चुराने का गंभीर आरोप लगा है। घटना इतनी सनसनीखेज रही कि ड्राइवर ने आरोपी अधिकारी का करीब 13 किलोमीटर तक पीछा किया, उसे पकड़ लिया और बीच सड़क उसके पास से रुपये बरामद कर लिए। इस पूरे प्रकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। ट्रक ड्राइवर मनीष (नाम में बदलाव संभव) नेशनल हाईवे-34 पर जा रहे थे। कोर्ट सिक्योरिटी ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर गिरीश मिश्रा ने उनसे लिफ्ट मांगी। ड्राइवर ने अच्छी भावना से उन्हें अपनी ट्रक में बैठा लिया। अलीयापुर टोल प्लाजा के पास पहुंचने पर सब-इंस्पेक्टर उतर गए और अपनी निजी वैन में सवार होकर निकल गए।

ट्रक ड्राइवर ने आगे अपनी यात्रा जारी रखी, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें अपने सामान से 20,000 रुपये गायब होने का पता चला। शक की सुई तुरंत सब-इंस्पेक्टर की ओर गई। ड्राइवर ने तुरंत अपनी गाड़ी घुमाई और आरोपी अधिकारी का पीछा शुरू कर दिया। लगभग 13 किलोमीटर तक चले इस सनसनीखेज पीछे (चेज) के बाद ड्राइवर यमुना पुल के पास आरोपी को पकड़ने में सफल हो गए। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ड्राइवर गुस्से में आरोपी सब-इंस्पेक्टर से बहस कर रहे हैं। आरोपियों के यूनिफॉर्म से ही रुपये बरामद हो गए। वीडियो में ड्राइवर द्वारा थप्पड़ मारने और शर्ट फाड़ने की भी झलक दिख रही है। घटना के बाद हमीरपुर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया।

पुलिस की कार्रवाई
हमीरपुर पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने बयान जारी कर बताया कि ट्रक ड्राइवर की लिखित शिकायत पर कोतवाली नगर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। सब-इंस्पेक्टर गिरीश मिश्रा को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। सर्कल ऑफिसर सदर यशपाल सिंह के हस्ताक्षर वाले बयान में कहा गया है कि जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस मृगांक शेखर पाठक ने भी मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है कि रुपये ठीक कैसे बरामद हुए, लेकिन जांच जारी है।

सोशल मीडिया पर भारी चर्चा
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की छवि को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे “चौकीदार चोर” जैसी टिप्पणियों के साथ शेयर किया, जबकि कुछ ने ड्राइवर की हिम्मत की सराहना की। यह मामला पुलिस विभाग के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया है। आमतौर पर पुलिसकर्मी आम नागरिकों की मदद करते दिखते हैं, लेकिन यहां उल्टा ही हुआ। विभागीय जांच में पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। ट्रक ड्राइवर मनीष ने घटना को लेकर गुस्सा जताते हुए कहा कि उन्होंने अच्छे इरादे से लिफ्ट दी थी, लेकिन इसका फायदा उठाया गया। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। मामले की जांच चल रही है। आगे की डेवलपमेंट्स के लिए हमीरपुर पुलिस की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखें। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा, पुलिस जवाबदेही और आम नागरिकों के विश्वास को लेकर सवाल खड़े करती है।

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