Noida Society Ceiling Fallen: नोएडा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के नोएडा में फिर से निर्माण गुणवत्ता और इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सेक्टर-75 स्थित प्रतिष्ठित गार्डेनिया गेटवे सोसाइटी के C-2 टावर में बुधवार देर रात एक फ्लैट के बेडरूम की छत का बड़ा हिस्सा (प्लास्टर, सरिया सहित) अचानक ढह गया। हादसे में एक किरायेदार की जान बाल-बाल बची, जिससे पूरे सोसाइटी में दहशत का माहौल है। घटना प्लॉट नंबर 9 स्थित सोसाइटी के फ्लैट A-1204 में हुई। सूत्रों के अनुसार, किरायेदार सो रहे थे और पानी पीने के लिए बिस्तर से उठकर गए ही थे कि अचानक छत से भारी मात्रा में प्लास्टर और सरिया नीचे गिर पड़ा। अगर वह बिस्तर पर रहते तो गंभीर चोटिल या मौत हो सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही सोसाइटी में हड़कंप मच गया और अन्य निवासियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबा देखा।
निवासियों की शिकायतें और चिंताएं:
सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। दीवारों में दरारें, प्लास्टर गिरना, बालकनियों का खराब होना जैसी समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। कई परिवारों ने कहा कि वे अब अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते। एक निवासी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नोएडा को जॉम्बीलैंड न बनाएं। बिना सोचे-समझे निवेश न करें, यह आपकी मौत का कारण बन सकता है।” घटना के बाद निवासियों ने सोसाइटी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से पूरे परिसर का व्यापक स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने और जरूरी मरम्मत कार्यों की मांग की है। बच्चों के माता-पिता भी चिंतित हैं और कह रहे हैं कि बच्चे अब बाहर खेलने से भी डरते हैं।
निर्माण मानकों पर उठे सवाल:
यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हाल के वर्षों में छत/बालकनी ढहने की कई घटनाओं की कड़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि निम्न गुणवत्ता वाले मटेरियल, खराब वर्कमैनशिप और रखरखाव की कमी ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण है। प्रीमियम सोसाइटी होने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे निवासियों में आक्रोश बढ़ रहा है। प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और सोसाइटी प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा सकता है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्चाधिकारियों और अदालत का रुख करेंगे।
सुरक्षा टिप्स:
घर की छत, बालकनी और दीवारों में दरारें दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से जांच कराएं। रात के समय सोते समय छत के नीचे बिस्तर लगाने से बचें। सोसाइटी प्रबंधन को नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाएं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी तरह की समझौता बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। नोएडा प्रशासन और बिल्डरों को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों। फिलहाल कोई घायल नहीं है, लेकिन स्थिति की निगरानी जारी है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय न्यूज और आधिकारिक सूत्रों पर नजर रखें।

