Trump claims China interfered in the 2020 election: ट्रंप ने 2020 चुनाव में चीन के हस्तक्षेप का आरोप लगाया, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स से सीधा विरोध

Trump claims China interfered in the 2020 election: वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार रात व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में चीन के बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया। ट्रंप ने संवेदनशील दस्तावेजों को डीक्लासिफाई (अपने अधिकार से सार्वजनिक) करने की घोषणा की, जिसमें दावा किया गया कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटर फाइल्स (नाम, पता, फोन नंबर और राजनीतिक प्राथमिकताएं सहित) हासिल कर ली थीं। उन्होंने इसे “इतिहास का सबसे बड़ा चुनाव डेटा समझौता” बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी खुफिया समुदाय के कुछ सदस्यों ने जानबूझकर इस जानकारी को दबाया, जिसे उन्होंने “डीप स्टेट” करार दिया। उन्होंने चुनाव ढांचे में “चौंकाने वाली कमजोरियां” बताईं और कांग्रेस से SAVE America Act पास करने की मांग दोहराई, जिसमें वोटर आईडी, नागरिकता प्रमाण और राज्यों के बीच वोटर रजिस्ट्रेशन शेयरिंग शामिल है।

खुफिया रिपोर्ट्स से सीधा टकराव

ट्रंप के दावे अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी की 2021 की आधिकारिक मूल्यांकन रिपोर्ट से सीधे टकराते हैं। उस रिपोर्ट में उच्च विश्वास के साथ कहा गया था कि कोई भी विदेशी ताकत, जिसमें चीन शामिल है, ने 2020 चुनाव के “किसी भी तकनीकी पहलू” – वोटर रजिस्ट्रेशन, बैलट, वोट गिनती या परिणामों – को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की। रिपोर्ट जॉन रैटक्लिफ (तत्कालीन DNI और अब CIA डायरेक्टर) के कार्यकाल में तैयार हुई थी। डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर (सिनेट इंटेलिजेंस कमिटी के वाइस चेयर) ने इसे “पूरी तरह बेबुनियाद” बताया। कई अदालतों, वोट रिकाउंट्स और ट्रंप प्रशासन के न्याय विभाग ने भी 2020 में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं पाए थे।

पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ

ट्रंप लंबे समय से 2020 की अपनी हार को “चोरी” बताते रहे हैं, हालांकि इससे जुड़े सैकड़ों मुकदमे खारिज हो चुके हैं। गुरुवार का 25 मिनट का भाषण 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले चुनाव सुरक्षा को केंद्र में लाने की कोशिश है, जहां रिपब्लिकन्स अपनी कांग्रेस बहुमत की रक्षा कर रहे हैं। व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारी पहले ही चिंता जता चुके थे कि चीन संबंधी जानकारी रिलीज करना भ्रामक हो सकता है। चीन ने तुरंत इनकार किया – दूतावास प्रवक्ता लियू चांग ने कहा, “चीन ने कभी अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप नहीं किया और न करेगा।” ट्रंप ने वेनेजुएला और अन्य मुद्दों का भी जिक्र किया, लेकिन कई दस्तावेज चुनाव सुरक्षा से अप्रासंगिक या विपरीत नजर आए। एक CIA दस्तावेज वेनेजुएला चुनाव से संबंधित था।

रिपब्लिकन और डेमोक्रेट प्रतिक्रियाएं

सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने कहा कि उनका फोकस 2026 चुनाव पर है, न कि 2020 को दोहराने पर। कुछ रिपब्लिकन नेता अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे रहे हैं। डेमोक्रेट्स ने चेतावनी दी कि ट्रंप मिडटर्म्स को प्रभावित करने के लिए झूठे दावों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर ने कहा कि रिपब्लिकन्स “निष्पक्ष चुनाव नहीं जीत सकते” इसलिए हस्तक्षेप की कोशिश कर रहे हैं।

व्यापक प्रभाव

यह भाषण ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में चुनाव प्रक्रिया पर संघीय नियंत्रण बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है, जबकि संविधान के अनुसार चुनाव मुख्य रूप से राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हैं। दो प्रमुख टीवी नेटवर्क और CNN ने इसे अपने मुख्य चैनलों पर लाइव नहीं प्रसारित किया। चीन के साथ व्यापार संबंध सुधारने की कोशिशों के बीच यह आरोप द्विपक्षीय तनाव बढ़ा सकता है। ट्रंप सितंबर में शी जिनपिंग से मुलाकात की उम्मीद रखते हैं। ट्रंप के दावे राजनीतिक बहस को फिर से गर्म कर रहे हैं। जबकि उनके समर्थक चुनाव सुरक्षा को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, आलोचक इन्हें बिना सबूत के पुरानी कहानी का पुनरावृत्ति मानते हैं। 2026 मिडटर्म्स जैसे महत्वपूर्ण चुनाव से पहले यह विवाद अमेरिकी लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। आगे की जांच और डीक्लासिफाइड दस्तावेजों पर नजर बनी रहेगी।
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