NEET paper leak CJP protest Parliament uproar: NEET पेपर लीक और CJP प्रदर्शन पर विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित; सोनम वांगचुक अनशन जारी

NEET paper leak CJP protest Parliament uproar: नई दिल्ली, संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्षी दलों ने NEET परीक्षा पेपर लीक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर जोरदार हंगामा किया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सरकार पर हमला बोला। CJP, जो युवा आंदोलन के रूप में उभरा है, NEET समेत अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं के मुद्दे पर 20 जून से जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहा है। आंदोलन के प्रमुख चेहरे लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वे अनशन जारी रखे हुए हैं।

CJP ‘चलो संसद’ मार्च: हिंसक टकराव और चोटें

सोमवार को CJP ने जंतर मंतर से संसद की ओर ‘चलो संसद’ मार्च निकाला। हजारों छात्रों-युवाओं की भीड़ को दिल्ली पुलिस ने रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि मार्च मंगलवार को भी जारी रहेगा। अभिजीत दीपके ने भारत टुडे से विशेष बातचीत में कहा, “मार्च जारी रहेगा।” उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

सोनाक्षी सिन्हा का समर्थन

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने CJP प्रदर्शन की तस्वीरें शेयर कीं और सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि “पूरे देश का दिल टूट गया”। उन्होंने छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले वांगचुक की प्रशंसा की और सरकार से संवाद की अपील की।

राहुल गांधी का तीखा हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को “अन-इंडियन” बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा, “छात्र अपराधी नहीं हैं, वे अपने अधिकार मांग रहे हैं। PM मोदी युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं।” राहुल ने स्पीकर से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की।

पृष्ठभूमि: CJP आंदोलन की शुरुआत

CJP की शुरुआत मई 2026 में CJI सूर्या कांत के “कॉकरोच” वाले बयान के बाद हुई। यह युवा-केंद्रित व्यंग्यात्मक आंदोलन जल्द ही NEET पेपर लीक और परीक्षा धांधलियों के खिलाफ व्यापक छात्र आंदोलन में बदल गया। वांगचुक ने शिक्षा और लद्दाख मुद्दों को जोड़ते हुए इसमें शामिल होकर इसे राष्ट्रीय स्वरूप दिया। सरकार ने कुछ गिरफ्तारियां की हैं और परीक्षा सुधारों का दावा किया है, लेकिन विपक्ष और CJP इसे अपर्याप्त बता रहे हैं। जेपी नड्डा से CJP प्रतिनिधियों की बैठक हुई है, लेकिन मांगें अभी अधर में हैं।

विश्लेषण: यह आंदोलन सिर्फ NEET तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं की बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के आरोपों का प्रतीक बन गया है। मानसून सत्र में यह मुद्दा और गरमाने वाला है। देशभर में छात्रों और युवाओं का समर्थन बढ़ रहा है, जो शिक्षा सुधार की मांग को और मजबूत कर रहा है। नजरें अब आज के संसद सत्र और CJP के जारी मार्च पर टिकी हैं। सरकार और विपक्ष दोनों के रुख से देश की शिक्षा नीति और युवा असंतोष का भविष्य तय होगा।

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