Galgotias University student commits suicide: ग्रेटर नोएडा के दनकौर में बीटेक छात्र राहुल तिवारी की आत्महत्या, दो दिन बाद कमरे से दुर्गंध आने पर खुलासा, पुलिस जांच जारी

Galgotias University student commits suicide: ग्रेटर नोएडा। एक दर्दनाक घटना ने शिक्षा नगरी को झकझोर दिया है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र राहुल तिवारी का शव उसके दनकौर कस्बे स्थित निजी पीजी के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी करीब दो दिन बाद तब हुई जब कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी। मृतक राहुल तिवारी (22 वर्ष) बिहार के गोपालगंज जिले का रहने वाला था। वह पढ़ाई के सिलसिले में ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में पीजी में रह रहा था। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मामला आत्महत्या का है, हालांकि मौत के सटीक कारण की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

घटना का क्रम इस प्रकार रहा:

मंगलवार शाम करीब 5 बजे पीजी के अन्य छात्रों को राहुल के कमरे से तेज बदबू आने लगी। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाजें लगाईं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार पीजी संचालक ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांकने पर राहुल का शव पंखे से लटका दिखाई दिया। फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया और शव को नीचे उतारा गया। मौके से साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि राहुल को आखिरी बार रविवार देर शाम पीजी के बाहर देखा गया था। इसके बाद वह गायब था। पुलिस का अनुमान है कि घटना रविवार रात हुई होगी। बंद कमरे और दो दिन की देरी के कारण किसी को तुरंत पता नहीं चला। दनकौर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस मोबाइल फोन, कमरे से मिले सामान और अन्य परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है। यदि कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।

छात्रों में मचा मातम, शिक्षा तनाव पर सवाल

यह घटना ग्रेटर नोएडा के छात्र समुदाय में गहरे सदमे और चिंता का विषय बन गई है। विशेषकर पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई छात्रों का कहना है कि पढ़ाई का दबाव, दूर रहने का अकेलापन और पारिवारिक अपेक्षाएं युवाओं पर भारी पड़ रही हैं। पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई इस मामले से संबंधित जानकारी रखता है तो तुरंत सूचित करे। फिलहाल जांच जारी है और कोई अन्य एंगल सामने नहीं आया है। ग्रेटर नोएडा में छात्र आत्महत्याएं, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत, यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और प्रारंभिक पुलिस बयान पर आधारित है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद और विवरण सामने आ सकते हैं।

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