नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपील करते हुए कहा कि संसद चर्चा और संवाद का मंच है तथा देश को सकारात्मक संदेश देने के लिए कार्यवाही चलना आवश्यक है।
स्पीकर ओम बिरला की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां सभी दलों को अपने विचार रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सदन में बहस और संवाद होना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत हों और जनता के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके। हालांकि, विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और दोनों सदनों को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
पेपर लीक रोकने वाले संशोधन विधेयक पर होगी अहम चर्चा
दोपहर 2 बजे के बाद लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। यह विधेयक वर्ष 2024 में लागू किए गए कानून में संशोधन से संबंधित है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित गतिविधियों पर और अधिक प्रभावी ढंग से रोक लगाना बताया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ने इस विधेयक पर चर्चा के लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया है। आवश्यकता पड़ने पर चर्चा की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है, ताकि सभी दलों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिल सके।
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सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता बहस में लेंगे हिस्सा
संसदीय सूत्रों के अनुसार, एनडीए की ओर से कई युवा सांसद इस महत्वपूर्ण बहस में भाग लेंगे। भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या प्रमुख वक्ताओं में शामिल हैं। वहीं, इंडिया (INDIA) गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की ओर से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल और गौरव गोगोई इस विधेयक पर पार्टी का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और कानून की प्रभावशीलता जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
पीएम मोदी ने NDA सांसदों को किया संबोधित
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले मंगलवार सुबह एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों को संबोधित किया और आगामी संसदीय रणनीति पर चर्चा की। इस बैठक की एक खास बात यह रही कि पहली बार नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर NCPI में शामिल हुए सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष सहित पार्टी के अन्य सांसद भी बैठक में मौजूद रहे।
आज का दिन संसद के लिए अहम
संसद के मानसून सत्र का मंगलवार का दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक को सदन में पारित कराने की तैयारी में है। ऐसे में दोपहर बाद होने वाली बहस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

