विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से वाईएसएस फाउंडेशन ने आज खेतान स्कूल ऑडिटोरियम, सेक्टर‑40, नोएडा में “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” शीर्षक से एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस और तरुण टूर एंड ट्रैवल्स ने सहयोग दिया। प्रातिनिधिक संख्या में मौजूद स्कूल बस चालक, कंडक्टर और परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को सड़क सुरक्षा मानकों, यातायात नियमों और आपातकालीन परिस्थितियों में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। गौतम बुद्ध नगर ट्रैफिक सेल प्रभारी कपिल धामा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “स्कूल बस चालक बच्चों की सुरक्षा के प्रथम प्रहरी होते हैं। उनके अनुशासित व्यवहार से अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।” कपिल धामा ने चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन, निर्धारित गति सीमा में वाहन संचालन और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।
तरुण टूर एंड ट्रैवल्स के प्रतिनिधि अंकुर शर्मा ने कहा कि सुरक्षित परिवहन व्यवस्था किसी भी समाज की प्रगति का आधार है और परिवहन क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा मानकों को अपनी कार्य संस्कृति में शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देते हैं बल्कि यात्रियों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को भी मजबूत करते हैं। वाईएसएस फाउंडेशन की प्रतिनिधि शीतल शर्मा ने बताया कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि चालक एवं कंडक्टर सुरक्षा नियमों का पूरा पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। वहीं फाउंडेशन के अन्य प्रतिनिधि दुर्गा प्रसाद दुबे ने भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी करार देते हुए कहा कि सुरक्षित चालक, जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था और जागरूक समाज मिलकर ही सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को सीट बेल्ट के निरंतर उपयोग, मोबाइल फोन के दुरुपयोग से बचने, नशे की स्थिति में वाहन न चलाने, ट्रैफिक संकेतों का सम्मान करने तथा बच्चों की सुरक्षित चढ़ाई‑उतराई सुनिश्चित करने जैसे व्यावहारिक नियमों पर दिशानिर्देश दिए गए। एकत्रित चालकों को आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार के बेसिक कदम और बस के तकनीकी निरीक्षण की नियमितता पर भी सत्रों में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “सुरक्षित चालक – सुरक्षित विद्यार्थी – सुरक्षित भविष्य” रखा गया। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि ऐसे निरंतर प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों से न केवल चालकों का सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित होगा, बल्कि स्कूल‑यात्राओं से जुड़ी जोखिम भी कम होंगे। गौतम बुद्ध नगर ट्रैफिक पुलिस और वाईएसएस फाउंडेशन ने आगे भी समय‑समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने और स्कूलों व परिवहन एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि बच्चों की सड़क यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

