गौतमबुद्ध नगर। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बुधवार (2 सितंबर 2026) को अधिसूचित क्षेत्र के दो गांवों में अवैध कब्जों और कॉलोनाइजिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। ननवा का राजपुर और अटाई मुरादपुर गांवों में बुलडोजर चलाकर लगभग 62,500 वर्ग मीटर जमीन पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण के अनुसार इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 125 करोड़ रुपये है।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि कॉलोनाइजर ननवा का राजपुर के खसरा संख्या 40 और 41 की लगभग 37,500 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण कर कॉलोनी बसाने की कोशिश कर रहे थे। इसी तरह अटाई मुरादपुर के खसरा संख्या 626 की 25,000 वर्ग मीटर जमीन पर भी अवैध कब्जा और निर्माण किया जा रहा था। प्रोजेक्ट विभाग के वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह की अगुवाई में प्रबंधक राकेश बाबू, मिथिलेश कुमार और अन्य अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से दोनों स्थानों पर अवैध निर्माणों को तोड़ दिया।
यह कार्रवाई प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देशों पर की गई। सीईओ ने अधिसूचित इलाकों में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। प्राधिकरण की टीम अवैध कब्जों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चला रही है।
एडिशनल सीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट कहा कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित इलाके में किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति अवैध निर्माण करने की इजाजत नहीं है। उन्होंने लोगों और निवेशकों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर ले लें और अवैध कॉलोनियों में अपनी मेहनत की कमाई न फंसाएं।
गौरतलब है कि इसी ननवा का राजपुर गांव में मई 2026 में भी प्राधिकरण ने खसरा संख्या 156 और आसपास की करीब 20,000 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ बुलडोजर चलाया था। उस समय करीब 40 करोड़ रुपये की जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई थी। उस कार्रवाई का नेतृत्व भी भूलेख और परियोजना विभाग की टीम ने किया था।
प्राधिकरण का यह अभियान अधिसूचित क्षेत्रों में भू-माफिया और कॉलोनाइजरों द्वारा अवैध कॉलोनियां विकसित करने की कोशिशों को रोकने के लिए जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बिना नक्शा पास कराए या अनुमति के बिना किए गए किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत, मां की हालत नाजुक

