पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी में वांछित चितरंजन उर्फ “चिंटू” और उसकी गर्लफ्रेंड सोनिया को गिरफ्तार कर आरडीसी तनिष्क ज्वेलरी शोरूम से चोरी की गई कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपए की ज्वेलरी बरामद कर ली है। कविनगर थाना पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी शोरूम में हुई हालिया चोरी के सिलसिले में की गई कार्रवाई के दौरान हुई। पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत मिलने पर कविनगर थाना तथा आरडीसी सुरक्षा टीमों ने मिलकर तेज़ गति से जांच शुरू की थी। जांच में प्रारंभिक सुरागों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चितरंजन की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई। लंबे समय से वांछित चल रहे चितरंजन पर कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह शातिर चोर गिरोह का कथित सरगना बताया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चितरंजन और सोनिया को अलग‑अलग ठिकानों से दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तलाशी के दौरान ज्वेलरी का एक बड़ा हिस्सा बरामद हुआ, जिसमें सोने‑चांदी के गहने, गले की चैन, अंगूठियाँ और अन्य महंगे आभूषण शामिल हैं। बरामद की गई ज्वेलरी की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने कहा कि बरामद माल की मौलिकता तथा चोरी की तारीख़ से संबंध की पुष्टि के लिए विशेषज्ञों से मिलाकर सत्यापन किया जा रहा है।
कविनगर थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों से रिमांड में पूछताछ जारी है और गिरफ्तारी से जुड़े और भी ठोस सुराग मिले हैं। पूछताछ के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस अन्य साझेदारों और संभावित हाउसिंग/हिरासत स्थानों की खोज कर रही है। थाना प्रभारी ने कहा, “हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि शेष गिरोह के तत्वों को भी जल्द गिरफ्तार कर शोरूम व अन्य पीड़ितों की सम्पत्ति सुरक्षित करवाई जाए।” स्थानिक व्यावसायिक मंडल और ज्वेलरी दुकानदारों ने भी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। आरडीसी तनिष्क शोरूम के प्रबंधक ने कहा कि बरामद ज्वेलरी का मालिकाना सत्यापन करने के बाद ही शोरूम से जुड़े नुकसान और मुआवजे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने साथ ही ग्राहकों से भी अपील की है कि वे अपने आभूषणों के विवरण और बिल की प्रतियाँ थाना को उपलब्ध कराएं ताकि बरामद माल सही मालिकों को लौटाया जा सके।
इस घटना से स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ गई है और कई दुकानदारों ने अपनी सुरक्षा कड़ी करने की बात कही है। पुलिस ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और सीसीटीवी निगरानी में और सुधार करने का निर्देश दिया है। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ते ही पुलिस आरोपपत्र दाखिल करेगी और मामले में आपराधिक साजिश, चोरी तथा संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तारी से जुड़े और विवरण जैसे चोरी की सटीक तारीख, बरामद किए गए हर आइटम की सूची, और दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी पूछताछ पूरी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।

