US ICE Custody Case: भारतीय मूल की वेंकटा वासमसेट्टी मामले में राहत, कोर्ट में बॉन्ड हियरिंग को मिली मंजूरी

US ICE Custody Case: नॉर्थ कैरोलिना में स्पेशल-नीड्स बच्चों को पढ़ाने वालीं भारतीय मूल की शिक्षिका वेंकटा नरसम्मा वासमसेट्टी के इमिग्रेशन डिटेंशन मामले में नया मोड़ आया है। अमेरिकी सरकार ने फेडरल कोर्ट में कहा है कि उन्हें इमिग्रेशन जज के सामने बॉन्ड हियरिंग का मौका दिया जाना चाहिए। यह जानकारी वेंकटा की वकील हेलेन पार्सनेज ने दी है।

क्या है पूरा मामला

वेंकटा 2013 से ग्रीन कार्ड होल्डर हैं और करीब 27 साल से अमेरिका में रह रही हैं। वह वेक काउंटी पब्लिक स्कूल सिस्टम, केरी (नॉर्थ कैरोलिना) में टीचर हैं और उनका अपना घर भी है। उनकी दो बेटियां और पोते-पोतियां अमेरिकी नागरिक हैं। जुलाई 2022 में वह बीमार पिता की देखभाल के लिए भारत गई थीं। वहां उन्हें कोविड हो गया और लगभग दो हफ्ते अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। स्वास्थ्य कारणों से वह फरवरी 2023 में, करीब सात महीने बाद अमेरिका लौट पाईं। अमेरिकी अधिकारियों ने इसी लंबी गैर-मौजूदगी को आधार बनाकर सवाल उठाया कि क्या उन्होंने अपना स्थायी निवास छोड़ दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू हुई।

मई में जज ने केस खत्म किया, फिर भी हिरासत

19 मई 2026 को इमिग्रेशन जज ने डिपोर्टेशन का केस खत्म कर दिया था। जज ने कहा था कि सरकार यह स्पष्ट और ठोस सबूत नहीं दे सकी कि वेंकटा को अमेरिका से बाहर किया जा सकता है। इसके बावजूद 11 अगस्त को शार्लोट स्थित ICE कार्यालय में नियमित चेक-इन के दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले 11 जुलाई को हुई अपॉइंटमेंट में वह कोर्ट का आदेश लेकर गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने यह कहते हुए एक महीने बाद बुलाया कि ICE के रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुए हैं। फिलहाल उन्हें जॉर्जिया के इरविन काउंटी डिटेंशन सेंटर, ओसिला में रखा गया है।

डायबिटीज की गंभीर मरीज, दवाओं की कमी की शिकायत

वेंकटा गंभीर इंसुलिन-डिपेंडेंट डायबिटीज से पीड़ित हैं। परिवार और सहयोगियों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी चेतावनी के हिरासत में लिया गया और उस वक्त उनके पास इंसुलिन व जरूरी मेडिकल सप्लाई नहीं थी।

फेडरल कोर्ट में चुनौती, अब बॉन्ड हियरिंग का रास्ता साफ

उनके वकीलों ने 12 अगस्त को जॉर्जिया के मिडिल डिस्ट्रिक्ट फेडरल कोर्ट में इमरजेंसी हेबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की, जिसमें सरकार के हिरासत में रखने के कानूनी आधार को चुनौती दी गई। 13 अगस्त को जज ने ICE से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था। अब सरकार ने खुद कोर्ट से कहा है कि वेंकटा को कोर्ट के आदेश के सात दिन के भीतर बॉन्ड हियरिंग दी जाए। इसका मतलब है कि जल्द ही एक इमिग्रेशन जज तय करेगा कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए या नहीं, और अगर हां तो किन शर्तों पर। उनकी वकील हेलेन पार्सनेज ने इसे “महत्वपूर्ण अपडेट” और “आजादी की तरफ एक कदम आगे” बताया है।

कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं

परिवार का कहना है कि वेंकटा का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, यहां तक कि उनके नाम कभी स्पीडिंग टिकट भी नहीं रहा। समर्थकों ने उनकी रिहाई के लिए “फ्री वेंकटा” कैंपेन भी शुरू किया है, जिसमें ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, आगे की सुनवाई और घटनाक्रम पर स्थिति बदल सकती है।

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