अमेज़न करेगा भारत में 13 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा

कुल निवेश 2030 तक 48 अरब डॉलर पहुंचेगा, जेफ बेज़ोस के बाद पहली बार भारत पहुंचे CEO एंडी जेसी ने PM मोदी से की मुलाकात

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न ने भारत में अपना निवेश और बढ़ाने की घोषणा की है। कंपनी ने गुरुवार को बताया कि वह AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए भारत में 13 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश करेगी, जिससे 2026 से 2030 के बीच देश में उसका कुल निवेश 48 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।  इससे पहले 2025 में अमेज़न ने भारत में अपने सभी कारोबार में 35 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी। कंपनी के मुताबिक, यह नया 13 अरब डॉलर का निवेश मुंबई और हैदराबाद में AWS के डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने में खर्च होगा, जिससे स्टार्टअप्स, बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थानों को कस्टम AI चिप्स, मैनेज्ड AI सेवाओं, सुरक्षित क्लाउड तकनीकों और डेवलपर टूल्स तक पहुंच मिलेगी, ताकि वे तेज़ी से नई तकनीक अपना सकें और दुनिया भर के ग्राहकों को सेवाएं दे सकें।

मोदी से मिले एंडी जेसी

यह घोषणा ऐसे समय हुई जब अमेज़न के CEO एंडी जेसी अपने भारत दौरे पर हैं, जो जेफ बेज़ोस के बाद कंपनी की कमान संभालने के बाद उनका 2021 में पद संभालने के बाद पहला भारत दौरा है, जेसी ने 25 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद देते हुए भारत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया, जहां अमेज़न ई-कॉमर्स, AI और क्लाउड सहित कई कारोबार चलाती है। अपने दौरे की शुरुआत में जेसी मुंबई पहुंचे थे, जहां उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और राज्य के साथ अमेज़न के लंबे समय के सहयोग पर चर्चा की। फडणवीस ने बताया कि मुंबई का अमेज़न के लिए खास महत्व है क्योंकि यहीं 2016 में कंपनी का पहला भारतीय क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर रीजन शुरू हुआ था।

क्विक-कॉमर्स के विस्तार की भी घोषणा

जेसी के दौरे के दौरान अमेज़न ने अपनी अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी सेवा Amazon Now का दायरा बढ़ाने का भी ऐलान किया। कंपनी ने कहा कि वह इस सेवा को देशभर के 300 से ज़्यादा शहरों में विस्तार देने जा रही है, ताकि भारत में सबसे बड़ा ‘मिनटों में डिलीवरी’ नेटवर्क खड़ा किया जा सके, कंपनी का दावा है कि लॉन्च के बाद से इस सेवा के ऑर्डर हर तिमाही में दोगुने हो रहे हैं , जो अमेज़न इंडिया के इतिहास की सबसे तेज़ी से बढ़ती ई-कॉमर्स यूनिट बन गई है। यह घोषणा ऐसे वक्त आई है जब भारत में क्विक-कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।

भारत में अमेज़न का बढ़ता कद

कंपनी के अनुसार, 2010 से 2030 तक भारत में अमेज़न का संचयी निवेश अब 88 अरब डॉलर से ज़्यादा हो चुका है। कंपनी ने अब तक 1.2 करोड़ छोटे कारोबारों को डिजिटल किया है, 20 अरब डॉलर से ज़्यादा का संचयी ई-कॉमर्स निर्यात संभव बनाया है, और 28 लाख रोज़गार सृजन में मदद की है। साथ ही, अमेज़न ने एक करोड़ से ज़्यादा भारतीयों को क्लाउड स्किल्स की ट्रेनिंग भी दी है। आगे की योजना के तहत, 2030 तक कंपनी ने 38 लाख रोज़गार सृजन, 80 अरब डॉलर के संचयी निर्यात, 1.5 करोड़ छोटे कारोबारों को AI का लाभ पहुंचाने और 40 लाख सरकारी स्कूली छात्रों को AI शिक्षा देने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का दावा है कि वह भारत में सबसे बड़ी विदेशी निवेशक, ई-कॉमर्स निर्यात की सबसे बड़ी सहायक और सबसे बड़े रोज़गार सृजकों में से एक है।

बड़ी टेक कंपनियों की भारत में दौड़

यह घोषणा ऐसे समय आई है जब वैश्विक टेक दिग्गज भारत के AI और क्लाउड बाज़ार में भारी निवेश कर रहे हैं। पिछले साल दिसंबर में अमेज़न के 35 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा से महज एक दिन पहले माइक्रोसॉफ्ट ने 2029 तक भारत में 17.5 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी, और इससे पहले अक्टूबर में गूगल ने 15 अरब डॉलर का AI हब और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का एलान किया था। विश्लेषकों के मुताबिक भारत बड़ी टेक कंपनियों के लिए एक अहम बाज़ार बन गया है, जिसकी वजह एक अरब से ज़्यादा इंटरनेट उपयोगकर्ता और सैकड़ों करोड़ स्मार्टफोन धारकों वाली विशाल जनसंख्या है। अमेज़न का यह ताज़ा एलान न सिर्फ उसकी भारत में दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भारत, अमेज़न की वैश्विक AI और क्लाउड रणनीति का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।

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