Greater Noida Silver trader robbery case solved: ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में चांदी व्यापारियों को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से लूट की वारदात को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह का ग्रेटर नोएडा पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल पांच बदमाशों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से करीब एक करोड़ 28 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों की निगरानी में हुआ खुलासा
पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्रा की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। ग्रेटर नोएडा जोन के पुलिस आयुक्त रवि शंकर निम के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार के नेतृत्व और सहायक पुलिस आयुक्त-1 केपी सिंह के मार्गदर्शन में टीम ने इस मामले को सुलझाया। रवि शंकर निम ने बताया कि गिरफ्तार सभी पांचों आरोपी दिल्ली के रोहिणी इलाके के रहने वाले हैं।
क्या-क्या हुआ बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है, करीब 650 ग्राम सोने के आभूषण, 12.138 किलोग्राम चांदी के आभूषण (कुल कीमत लगभग 1.28 करोड़ रुपये), बिना नंबर प्लेट की बलेनो कार, अवैध तमंचा (300 बोर) और दो जिंदा कारतूस, आठ दिन पहले से हो रही थी रेकी| पूछताछ में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जो योजना बनाकर व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रखता है और मौका मिलते ही लूट को अंजाम देता है। जांच में पता चला कि वारदात से करीब आठ दिन पहले आरोपी कमलकांत ने दिल्ली के चांदनी चौक स्थित चांदी के थोक बाजार के आसपास डेरा जमाकर वहां आने-जाने वाले व्यापारियों की रेकी शुरू कर दी थी। घटना से दो दिन पहले उसने अपने साथियों को सूचना दी कि एक व्यापारी इटियॉस कार से रात में जेवरात लेकर आगरा के लिए रवाना होने वाला है।
दो कारों में सवार होकर दिया वारदात को अंजाम
योजना के मुताबिक आरोपी दो अलग-अलग कारों — बिना नंबर प्लेट की बलेनो और एक स्विफ्ट कार — से रवाना हुए। बलेनो कार में सवार बदमाशों ने व्यापारी की इटियॉस कार का पीछा किया, जबकि स्विफ्ट कार में मौजूद दो आरोपी जेवर होते हुए पहले से तय जगह ग्राम जुनैदपुर के जंगल में पहुंचकर बाकी साथियों का इंतजार करने लगे। जीरो प्वाइंट से करीब दो किलोमीटर आगे जब व्यापारी की कार रुकी, तो आरोपियों ने दुर्घटना होने का बहाना बनाकर वाहन रुकवाया। इसके बाद तमंचा दिखाकर चालक और अन्य साथियों को डराया-धमकाया और कार में रखा जेवरातों से भरा बैग लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पहले से तय योजना के तहत जुनैदपुर के जंगल में इकट्ठा हुए और लूट का माल लेकर फरार हो गए।
पुलिस की सतर्कता से 48 घंटे में सुलझा मामला
घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की। तकनीकी सबूतों और सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस दिल्ली के रोहिणी इलाके तक पहुंची, जहां से पांचों आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पूर्व में हुई इसी तरह की वारदातों में इनकी संलिप्तता की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर के चांदी व सोना व्यापारियों को निशाना बनाकर सुनियोजित तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम देता रहा है, और आगे भी इस दिशा में जांच जारी रहेगी।
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