गौतमबुद्धनगर: अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के 5 आरोपित गिरफ्तार, 12 बाइकें और 18 लाख के पार्ट्स बरामद

कमिश्नरेट पुलिस ने वाहन चोरी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक सक्रिय अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच शातिर बदमाशों को रविवार को गिरफ्तार कर चोरी की कुल 12 मोटरसाइकिलें, 5-6 मोटरसाइकिलों के बड़े पैमाने पर पार्ट्स और दो अवैध चाकू बरामद किए। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी जा रही है।

घटनाक्रम और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार 23 जून को सूरजपुर थाना क्षेत्र में मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर चेकिंग की जा रही थी, तभी एलजी अंडरपास के समीप एक बुलेट पर तीन और एक स्प्लेंडर पर दो संदिग्ध मोटरसाइकिलों पर आते हुए दिखाई पड़े। अभियुक्तों को रोका गया तो उनकी बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं थीं। रोकने पर खुद को सूर्या उर्फ मोहन, दीपक पाल, लक्की चंदेल, आसिफ और अंकित गुप्ता बताते मिले। प्राथमिक तलाशी में इनके कब्जे से दो चोरी की मोटरसाइकिलें और दो अवैध चाकू बरामद हुए।

निशानदेही पर बरामदगी

कड़ाई से पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर एलजी गोलचक्कर के पास जंगल क्षेत्र से 10 और चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। साथ ही कई वाहनों के हैंडल, टायर, टंकी, शॉकर, इंजन और चेसिस जैसे हिस्सों की बड़ी मात्रा भी पुलिस को मिली। पुलिस ने बताया कि बरामद मोटरसाइकिलों में रॉयल एनफील्ड बुलेट, हीरो स्प्लेंडर, HF डीलक्स, हीरो होंडा और करिज्मा जैसी लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। कई बाइकें बिना नंबर प्लेट की मिली हैं, जिनकी पहचान और जुड़ी हुई मुकदमों की पड़ताल की जा रही है।

गिरोह का स्वरूप और शातिराना तरीका

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्रों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य सामान्यत: भीड़भाड़ या सार्वजनिक स्थानों से मोटरसाइकिलें चुराते और फिर सुनसान स्थानों पर ले जाकर उन्हें अलग-अलग पार्ट्स में बांटकर बाजार में बेच देते थे। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त आसिफ पेशे से कबाड़ी है और वही चोरी की बाइक कटवाकर उनके पार्ट्स बेचने का काम करता था। इस तरह से गिरोह मोटा मुनाफा कमाता था।

पुर्व आपराधिक रिकार्ड और आगे की कार्यवाही

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार अधिकांश अभियुक्त पहले से कई आपराधिक मामलों में वांछित या आरोपित रहे हैं। उनके खिलाफ वाहन चोरी, चोरी का माल रखने, आर्म्स एक्ट व अन्य गंभीर धाराओं में अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं। स्थानीय पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क और चोरी की वाहनों की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। एक मुख्य संदेही अमन नाम का शख्स, जो मध्य प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है, अभी फरार है; उसे पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन कर दिया गया है।

पुलिस बाइट

एडीसीपी सेंट्रल स्वतंत्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में की गई। उन्होंने कहा, “एलजी अंडरपास के समीप संदिग्धों को रोका गया, उनकी बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं थीं; बाद में उनके कब्जे से चोरी की बाइकें तथा अवैध चाकू बरामद हुए। इनके निशानदेही पर कुल 12 मोटरसाइकिलें और पांच से छह बाइक पार्ट्स बरामद किए गए। कुल बरामदगी की अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपये है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।”

स्थानीय प्रभाव और संभावित खुलासे

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस का यह दावा है कि इस सफलता से क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य जनपदों में हुई वाहन चोरी की कई घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। बरामद वाहनों और पार्ट्स की विस्तृत पहचान व सत्यापन के बाद संबंधित थानों में दर्ज लंबित मामलों के साथ इन घटनाओं को जोड़कर व्यापक छानबीन की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों से पुलिस अपील

पुलिस ने नागरिकों से सलाह दी है कि वे अपने वाहनों के कागजात, नंबर प्लेट और सुरक्षा इंतजामों का खास ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या हेल्पलाइन पर दें।

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