ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित UFAIRIA (यूफेरिया) मॉल के दुकानदारों ने रविवार को बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन कर कड़ा विरोध दर्ज किया और “मनमानी वसूली” व “अनुचित शर्तें” के आरोप लगाए। दुकानदारों का कहना है कि वे काफी समय से परेशान हैं और लगातार शिकायतें करने के बाद भी अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।
दुकानदारों की मुख्य शिकायतें
दुकानदार मंडल के प्रतिनिधियों के अनुसार मॉल में भारी मेन्टेनेंस शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सुविधाएं, साफ‑सफाई व सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिल रही। इसके अलावा बिजली के अतिरिक्त शुल्क, अतिरिक्त चार्ज और दुकानें बेचने या हस्तांतरण के दौरान प्रदान की जाने वाली NOC पर अवैध वसूली का आरोप भी लगाया जा रहा है। मालिकों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा लगातार नई‑नई शर्तें थोपकर व्यापार को लगातार प्रभावित किया जा रहा है। आंदोलन में शामिल दुकानदारों ने मॉल के बाहर नारेबाजी करते हुए “मनमानी रोको” और “इंसाफ दो” जैसे नारे लगाए तथा काले बैनर लहराए। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें सुबह के घंटों में बंद रखकर प्रशासन और बिल्डर के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध का संदेश दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: व्यापार मंडल से लेकर दलों तक
प्रदर्शन के दौरान ग्रेटर नोएडा वेस्ट के व्यापार मंडल के कुछ प्रतिनिधियों ने मौके पर आकर दुकानदारों के समर्थन में बयान दिए और जल्द सुनवाई की मांग की। स्थानीय वाणिज्यिक संगठनों ने इस घटनाक्रम को “ग्रेटर नोएडा‑वेस्ट के छोटे व्यापारियों के खिलाफ बिल्डर‑प्रबंधन की बढ़ती मनमानी” का उदाहरण बताया। कुछ स्थानीय राजनीतिक दलों के स्तरीय नेताओं ने अपने आधिकारिक बयानों में इस मुद्दे को उठाया और इसे “निजी बिल्डर‑प्रोजेक्ट्स में संवेदनशील निगरानी की कमी” का परिणाम बताया। एक स्थानीय नेता ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यदि प्रशासन ने तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वे “जिला कलेक्ट्रेट व नगर निगम कार्यालय के सामने बड़े जन‑आंदोलन” की चेतावनी” भी दी।
आम जनता की प्रतिक्रिया और चिंता
आस‑पास के रहने वाले नागरिकों और खरीदारों का कहना है कि मॉल की भीड़ कम होने से उन्हें भी परेशानी हो रही है। एक निवासी ने बताया, “हम रोज यहां शॉपिंग करने आते हैं, लेकिन अगर दुकानदार बंद कर दें तो हमें दूर‑दराज तक जाना पड़ेगा; हालांकि उनकी भी दिक्कत भी समझ में आ रही है।”कई नागरिकों ने उम्मीद जताई कि बिल्डर और प्रशासन दोनों मिलकर एक खुली बैठक में दुकानदारों की मांगों पर बातचीत करेंगे और “कानूनी‑ईमानदार” तरीके से विवाद का समाधान निकालेंगे, ताकि न तो व्यापार प्रभावित हो न ही आम जनता को दिक्कत हो।
अगले कदम की चेतावनी
दुकानदारों के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 7-10 दिनों के भीतर उनकी विशिष्ट मांगों पर स्थायी समझौता नहीं हुआ तो वे “अधिक संख्या में धरना, ज्ञापन और आंदोलन”करने के लिए मजबूर होंगे। कुछ ने नोएडा विकास प्राधिकरण (Noida Authority) और स्थानीय नगर निगम के सामने ज्ञापन देने तथा राज्य सरकार के स्तर पर इस मुद्दे को उठाने की तैयारी भी बताई। इस बीच प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या तत्काल जांच‑समिति की घोषणा सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है, जिससे दुकानदारों और आम जनता दोनों में असंतोष के बीज और बढ़ते जा रहे हैं।

