गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सेक्टर-20 थाना पुलिस की विशेष कार्रवाई में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर चोरी की 11 मोटरसाइकिलें और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। पुलिस ने कहा है कि यह सफलता न केवल नोएडा और गौतमबुद्धनगर में हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण साबित होगी, बल्कि अंतर-जनपदीय गिरोहों की गतिविधियों पर भी असर डालेगी।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, 12 जून 2026 को थाना सेक्टर-20 ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-28 क्षेत्र में अभियान चलाया। सूचना के सत्यापन के बाद अभियान के दौरान गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू हलदर पुत्र मधू हलदार (निवासी: ग्राम छलेरा, सेक्टर-44, थाना सेक्टर-39, गौतमबुद्धनगर) और नाजिम पुत्र छोटे लाल उर्फ ननकू उर्फ बाबा जी (निवासी: ग्राम तकिया धर्मपुर, थाना माधवगंज, जनपद हरदोई; वर्तमान पता ग्राम छलेरा, सेक्टर-44, थाना सेक्टर-39, गौतमबुद्धनगर) के रूप में हुई है।
बरामदगी और जांच के किनारे
पूछताछ तथा आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। बरामद वाहन यामाहा, हीरो, पल्सर, टीवीएस और बजाज ब्रैंड की बताई जा रही हैं। शुरुआती जांच में पाया गया है कि इनमें से कई मोटरसाइकिलें दिल्ली और गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों से जुड़ी हुई थीं; कुछ वाहनों के संबंध में दिल्ली के ज्योति नगर, न्यू अशोक नगर, बदरपुर और समयपुर बादली थानों में पहले से मामले दर्ज पाए गए हैं। इसके अलावा, आरोपी सोनू हलदर के कब्जे से एक अवैध .315 बोर का पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ। इस आधार पर थाना सेक्टर-20 में मु0अ0सं0 218/2026 के तहत धारा 317(2), 317(5) बीएनएस तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चोरी, अवैध हथियार रखने और आबकारी अधिनियम से जुड़े पुराने मामले भी दर्ज हैं जबकि नाजिम के विरुद्ध कई वाहन चोरी व आर्म्स एक्ट संबंधित मामले पहले से पंजीकृत हैं।
पूर्व आपराधिक रिकार्ड और गिरोह संरचना
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों का नाम पहले कई आपराधिक मामलों में आ चुका है और दोनों पहले भी जेल जा चुके हैं। कमिश्नरेट के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तफ्तीश से संकेत मिलते हैं कि यह सिर्फ दो शातिरों का मामला नहीं बल्कि एक संगठित अंतर-जनपदीय वाहन चोर गिरोह की कड़ी हो सकती है, जो दिल्ली और आसपास के जिलों में चोरी की मुहिम चला रहा था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि चोरी के अन्य मामलों, वाहनों की बिक्री-खरीद के रास्तों और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों के बारे में ठोस जानकारी मिल सके। कमिश्नरेट ने कहा है कि आरोपियों के मोबाइल फोन, संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराकर मामले को और गहराई से जांचा जाएगा। साथ ही, जिन थानों में बरामद मोटरसाइकिलों से जुड़े मामले दर्ज हैं, उनके साथ समन्वय कर वाहनों के वास्तविक मालिकों तक शीघ्र पहुंचाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट का बयान
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई शहर में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं के खिलाफ बड़ी कामयाबी है। जनता से अपील की गई है कि वे अपनी वाहन सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें, क्लैच लॉक/हस्तक लॉक, इंजन लॉक जैसे सुरक्षा उपाय अपनाएं और संदिग्ध गतिविधि देखी जाए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। कमिश्नरेट ने यह भी बताया कि ऐसे घनघोर मामलों के खिलाफ लगातार जांच और सघन अभियान जारी रहेंगे।

