बीजेपी के ‘पितामह’ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बंगाल में पहली बार खिलेगा कमल, तमिलनाडु के केजरीवाल बनेंगे थलापति विजय?, विपक्ष का आरोप ‘सर’ का सहारा 

पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की मतगणना सोमवार को शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में भाजपा पश्चिम बंगाल और असम में मजबूत स्थिति में दिख रही है, जबकि तमिलनाडु में थलापति विजय की तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरे मोर्चे के रूप में उभर रही है। बंगाल में कुछ जगहों पर मतदान (फाल्टा में 21 मई को रिपोलिंग) अभी बाकी है, लेकिन 293 सीटों के रुझान साफ संकेत दे रहे हैं।

बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। शुरुआती रुझानों में भाजपा 140+ सीटों पर आगे दिख रही है, जबकि टीएमसी 70-90 के आसपास सिमटती नजर आ रही है। ममता बनर्जी की टीएमसी सत्ता बचाने की जद्दोजहद में है, जबकि सुवेंदु अधिकारी जैसे भाजपा नेताओं के मजबूत प्रदर्शन से पार्टी उत्साहित है। रिकॉर्ड 92%+ मतदान के बावजूद हिंसा कम रही, जिसे भाजपा ‘शांतिपूर्ण परिवर्तन’ का संकेत बता रही है। फाल्टा सीट पर 21 मई को मतदान और 24 मई को गिनती होगी।

सर (Special Intensive Revision) का विवादित सहारा:

चुनावी चर्चा का केंद्र सर रहा, जिसमें बंगाल में करीब 90 लाख वोटरों के नाम हटाए गए। विपक्ष इसे मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को टारगेट करने का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा इसे फर्जी वोटर हटाने की ‘स्वच्छता अभियान’ बता रही है। कुछ समय पहले बिहार चुनाव (2025) में भी सर लागू हुआ था। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता (जिन्होंने इसे ‘ट्रायल’ करार दिया था) ने कहा था कि बिहार में यह प्रयोग सफल रहा, जो आगे अन्य राज्यों के लिए ‘ट्रायल’ साबित होगा। बिहार में NDA की बड़ी जीत के बाद भाजपा नेताओं ने सर को ‘फेक वोटर’ हटाने का प्रभावी हथियार बताया। अब बंगाल में भी यही फॉर्मूला काम कर रहा दिख रहा है।

तमिलनाडु में थलापति विजय की TVK ने बिना गठबंधन के सभी 234 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। विजय खुद पेरांबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से मैदान में हैं। शुरुआती रुझान TVK को तीसरे नंबर पर दिखा रहे हैं, हालांकि कुछ एग्जिट पोल में उन्हें 98-120 सीटों तक की संभावना जताई गई थी। DMK और AIADMK के बीच मुख्य मुकाबला है, लेकिन विजय का ‘स्टार पावर’ और युवा आकर्षण त्रिकोणीय लड़ाई बना रहा है। विजय ने सिर का विरोध किया था और इसे लोकतंत्र पर खतरा बताया।  असम में भाजपा गठबंधन मजबूत बढ़त बनाए हुए है, जबकि केरल और पुडुचेरी में पारंपरिक रुझान बरकरार दिख रहे हैं।

जनता और प्रतिक्रियाएं:

भाजपा कार्यकर्ता: कोलकाता और उत्तर बंगाल में जश्न का माहौल। “हिंदुओं ने ममता को सबक सिखाया” जैसे नारे लग रहे हैं। एक कार्यकर्ता ने कहा, “सर ने असली वोटरों को ताकत दी।”

टीएमसी समर्थक: ममता बनर्जी के भवननिपुर में बढ़त के बावजूद निराशा। कई लोग सिर और केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप का आरोप लगा रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह लोकतंत्र की हत्या है।”

विजय फैंस: तमिलनाडु में ‘वीट्रि निश्चय’ के नारे। भले सीटें कम हों, लेकिन TVK का उदय नई ताकत के रूप में देखा जा रहा है।

आम जनता: सोशल मीडिया पर बहस तेज। एक तरफ ‘परिवर्तन की बयार’, दूसरी तरफ ‘वोटर लिस्ट में छेड़छाड़’ के आरोप। दिल्ली-कोलकाता में बाजारों में चर्चा है कि अगर भाजपा बंगाल में सरकार बनाती है तो पूर्वी भारत में उसकी पकड़ और मजबूत हो जाएगी|राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बिहार के ‘ट्रायल’ के बाद बंगाल में सर का असर दिख रहा है। हालांकि अंतिम नतीजे आने में समय लगेगा। मतगणना जारी है और रुझान बदल सकते हैं। यह चुनाव 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी बड़े संकेत दे रहे हैं।

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