नोएडा, सेक्टर 38A स्थित चर्चित गार्डन गैलेरिया मॉल के ‘मौसम बार’ में 14 जून की रात लाइटर मांगने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें दिल्ली के प्रहलादपुर निवासी 25 वर्षीय सौरभ पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी विक्रम आदित्य समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है।
क्या हुआ
पुलिस और घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, सौरभ अपने कुछ दोस्तों के साथ बार में परिधान थे, जहाँ उनकी मुलाकात विक्रम आदित्य और उसके साथ आए लोगों से हुई। बताया जाता है कि किसी ने सिगरेट के लिए लाइटर मांगा, यह मामूली सी बात जल्दी ही तीखी बहस में बदल गई। शुरुआत में सौरभ ने स्थिति को शांत रखने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद विक्रम ने उन्हें घूरना शुरू कर दिया। जब सौरभ के दोस्तों ने प्रतिवाद किया तो आरोपियों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया।
हमले में गंभीर चोटें
हमले में सौरभ के सिर, चेहरे, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद बार स्टाफ और बाउंसरों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उनकी हस्तक्षेप से विवाद शांत नहीं हुआ। घायल अवस्था में सौरभ को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल की गई और बाद में उन्होंने सेक्टर 39 थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर विक्रम आदित्य समेत कुल चार लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस टीम ने मॉल और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं और आरोपियों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पहचान पूरी होते ही गिरफ्तारियों की कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता और सुरक्षा निर्देश
एडीसीपी ने कहा कि शराब के नशे में सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता और मारपीट करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त रवैया अपनाएगी। मॉल और बार के प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी हिंसा पर रोक लग सके। पुलिस ने मॉल प्रबंधन से भी घटना के समय मौजूद स्टाफ-सिक्योरिटी रजिस्टर और किसी भी प्रकार के रिकॉर्ड साझा करने को कहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और चिंता
घटना से आसपास के व्यापारियों और मॉल आने-जाने वाले ग्राहकों में चिंता फैल गई है। कुछ दुकानदारों ने कहा कि बारों में सुरक्षा प्रबंधों में सुधार और शराब-से जुड़ी शिष्टाचार नीतियों का सख्त अनुपालन आवश्यक है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने कहा कि बार और मॉलों में प्रशिक्षण प्राप्त बाउंसर और त्वरित पुलिस हस्तक्षेप से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।
आगे की पड़ताल
पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज के साथ ही बार में मौजूद कर्मचारियों और अन्य ग्राहकों के बयानों को भी रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया है। जांच में घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या बोला गया और किन कारणों से विवाद ने हिंसक रूप अख्तियार किया—इन सब बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है। आरोपी और पीड़ित के किसी पूर्व विवाद या जान-पहचान के रिश्ते की भी जांच की जा रही है।

