नोएडा प्रशासन पर सवाल: FONRWA का महाप्रबंधक कार्यालय की चुप्पी पर तीखा आरोप, नोडल अधिकारी नियुक्ति की मांग

नोएडा प्रशासन पर सवाल: फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस (FONRWA) ने नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और यह आरोप लगाया है कि बार‑बार भेजे गए पत्रों और सूचनाओं के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा, जिससे सेक्टरों की स्थानीय समस्याओं का समय पर निवारण प्रभावित हो रहा है। FONRWA के सेक्रेटरी जनरल के.के. जैन ने प्राधिकरण के महाप्रबंधक एस.पी. सिंह को लिखे पत्र में कहा है कि संस्था ने विभिन्न सेक्टरों की सार्वजनिक समस्याओं और जनहित से जुड़े विषयों पर कई बार अवगत कराया, पर न तो महाप्रबंधक कार्यालय से और न ही उनके अधीनस्थ अधिकारियों की ओर से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। पत्र में कहा गया है कि प्राधिकरण के अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी सामान्यतः ऐसे पत्रों का समयबद्ध उत्तर देते हैं, फिर भी इस विशिष्ट मामले में लगातार चुप्पी बनी हुई है।

FONRWA ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि समाज सेवा की भावना से काम करते हैं। वे अपने-अपने सेक्टरों के निवासियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और शहर के समुचित विकास में सहयोग देने का काम करते हैं। ऐसे संगठित नागरिक मंचों की शिकायतों और सुझावों को अनसुना करना जनता और प्रशासन के बीच संवाद की प्रक्रिया को कमजोर करता है और शहर स्तर पर समस्याओं के समाधान में बाधा उत्पन्न करता है। विवरण के अनुरूप, FONRWA ने मांग की है कि महाप्रबंधक कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर सके और आने वाली शिकायतों तथा सुझावों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करे। संगठन का दावा है कि एक समर्पित नोडल अधिकारी होने से सेक्टरों से जुड़ी शिकायतों के समाधान में गति आएगी और प्रशासन व निवासियों के बीच भरोसेमंद संवाद स्थापित होगा।

FONRWA के इस पत्र के सार्वजनिक होते ही स्थानीय नागरिकों और संगठनों में चिंता बढ़ गई है। कई आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि जिन मुद्दों को लेकर वे लंबे समय से प्राधिकरण से जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं जैसे सड़क व जलनिकास संबंधी शिकायतें, सार्वजनिक रोशनी और पार्कों की मरम्मत, कूड़ा प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्था — उन पर उचित कार्रवाई न होने से स्थानीय जनता का आक्रोश बढ़ रहा है। प्राधिकरण की चुप्पी पर सवाल उठते हुए स्थानीय निवासियों ने कहा कि यदि संगठित निवासी मंचों के पत्रों का जवाब नहीं दिया जा रहा तो आम नागरिकों की व्यक्तिगत शिकायतों का क्या होगा। कई लोगों ने कहा कि शिकायतों के लंबित रहने से आधारभूत सुविधाओं और लोगों की दैनिक जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। इस मामले पर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक कार्यालय से प्रतिक्रिया लेने के प्रयास अभी तक निष्फल रहे। प्राधिकरण के संज्ञान में लाए गए मुद्दों पर लिखित बयान की मांग करने पर भी कोई आधिकारिक टिप्पणी उपलब्ध नहीं कराई गई।

स्थानीय प्रशासन विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में नागरिक संगठनों और प्राधिकरण के बीच नियमित संवाद व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी की नियुक्ति एक सकारात्मक कदम होगा, जिससे शिकायतों के रिकार्ड रखे जा सकेंगे, प्राथमिकता तय की जा सकेगी और समयबद्ध फॉलो‑अप सुनिश्चित होगा। FONRWA ने कहा है कि यदि शीघ्र समाधान और औपचारिक संवाद स्थापित नहीं किया गया तो वह सार्वजनिक मंचों और मीडिया के माध्यम से अपने आंदोलन को तेज कर सकती है और ज़रूरी कानूनी कदम उठाने पर भी विचार कर सकती है। अब सवाल यह है कि नोएडा प्रशासन कब इस चुप्पी को तोड़ेगा और संगठित निवासी मंचों तथा आम नागरिकों के सवालों का त्वरित और पारदर्शी जवाब कब देगा यह देखने वाली बात होगी।

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