रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपी दबोचे

New Delhi news रेलवे में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का रेलवे जिला पुलिस ने पदार्फाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में कुछ रेलवे कर्मियों की संलिप्तता की आशंका भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार 30 मई 2026 को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि एमटीएस और क्लर्क की स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और जालसाजी की गई है। शिकायत के आधार पर एफआईआर संख्या 35/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन थाना और आरपीएफ (दिल्ली) की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने जाल बिछाकर सबसे पहले आरोपी ईशा को चांदनी चौक स्थित गेट नंबर-3 के पास से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर कश्मीरी गेट आईएसबीटी से रणजीत और फिर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-16 से आलम को दबोच लिया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.60 लाख रुपये वसूले थे। यह रकम ईशा और रणजीत के माध्यम से आलम तक पहुंचाई गई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आलम का संपर्क अतुल कदम और ए.के. खान नामक व्यक्तियों से था, जो खुद को बड़ौदा हाउस और रेल भवन तक पहुंच रखने वाला बताते थे। आरोप है कि शिकायतकर्ता के बेटे का मेडिकल परीक्षण भी उत्तरी रेलवे केंद्रीय अस्पताल में कुलदीप नामक व्यक्ति के माध्यम से कराया गया, जिससे नौकरी की प्रक्रिया वास्तविक प्रतीत हो।
आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति संबंधी दस्तावेज और कॉल लेटर तैयार कर उन्हें स्पीड पोस्ट के जरिए शिकायतकर्ता के घर भेजा। इन दस्तावेजों के जरिए पीड़ित का विश्वास जीतकर उससे शेष रकम वसूलने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है और उन्हें बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। जांच के दौरान संकेत मिले हैं कि गिरोह ने कई अन्य नौकरी चाहने वालों को भी इसी प्रकार ठगी का शिकार बनाया है।
रेलवे जिला पुलिस उपायुक्त बी. बोम्मा रेड्डी ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और यदि किसी रेलवे कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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