नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दिल्ली में हालात तनावपूर्ण हो गए। पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत (प्रिवेंटिव कस्टडी) में ले लिया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई एहतियात के तौर पर की गई है।
हिरासत के दौरान अफरा-तफरी, दिपके ने उठाए सवाल
हिरासत में लिए जाने के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। दिपके ने पुलिस से सवाल किया, “मैंने कोई कानून नहीं तोड़ा है। आप मुझे कैसे हिरासत में ले सकते हैं? किस कानून के तहत मुझे हिरासत में लिया जा रहा है?” खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी को रोकने की कोशिश भी की।
घर से निकले थे कनॉट प्लेस के लिए
इससे पहले दिपके करोल बाग स्थित अपने आवास से तिरंगा मार्च के लिए कनॉट प्लेस की ओर रवाना हुए थे। CJP ने चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस उन्हें रोकती है तो पार्टी के पास ‘प्लान बी’ तैयार है।
CJP की मीडिया टीम के अधिकारी विजय एम ने इंडिया टुडे डिजिटल के अविनाश कटील को बताया कि दिपके को रोके जाने या हिरासत में लिए जाने की स्थिति में संगठन वैकल्पिक योजना की घोषणा करेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए बनाई गई योजना जैसी ही है। विजय के अनुसार, उस समय तक दिपके की हिरासत की कोई जानकारी नहीं थी और वे हर संभव कोशिश कर रहे थे कि मार्च स्थल तक पहुंच सकें।
सेंट्रल पार्क के पास तीन महिलाओं को तिरंगा फहराने की अनुमति
तनाव के बीच तीन महिलाओं को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के पास तिरंगा फहराने की इजाजत दी गई। वहीं, आखिरी वक्त में योजना बदलने के बाद नेहा बोरा और AISA के नेता मंडी हाउस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
क्या है ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च?
CJP ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। संस्थापक अभिजीत दिपके ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज लहराने की अपील की थी। यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे अभियान का हिस्सा है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं।

