CBI arrests KAPL MD Anurag Danayak: KAPL के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग दनायक CBI के हत्थे चढ़े, नोएडा में 5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, घर से करोड़ों की नकदी-सोना बरामद

CBI arrests KAPL MD Anurag Danayak: नोएडा। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार के उपक्रम कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (KAPL) के प्रबंध निदेशक (MD) अनुराग दनायक को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी बुधवार को नोएडा में बिछाए गए जाल के दौरान हुई। गिरफ्तारी के बाद बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित उनके आवास व कार्यालयों पर की गई छापेमारी में करोड़ों रुपये की नकदी, सोना, विदेशी मुद्रा और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।

क्या है पूरा मामला

CBI के अनुसार, आरोपी एमडी ने भोपाल स्थित एक निजी फर्म से 15 लाख रुपये की भारी रिश्वत की मांग की थी। यह फर्म KAPL की अधिकृत सर्विस एजेंट है और मध्य प्रदेश के सरकारी संस्थानों को दवाओं की आपूर्ति करती है। एजेंसी के मुताबिक यह रकम फर्म के सर्विस एजेंट एग्रीमेंट को मंजूरी देने, अतिरिक्त सरकारी संस्थानों का आवंटन करने, लंबित नवीनीकरण को स्वीकृति देने और दवाओं की बिक्री से मिलने वाले कमीशन में हिस्सा लेने के बदले मांगी गई थी। CBI को 15 जुलाई को रिश्वत के संभावित लेन-देन की सूचना मिली थी, जिसके बाद एजेंसी ने नोएडा में सुनियोजित तरीके से ट्रैप बिछाया। जैसे ही आरोपी एमडी ने 5 लाख रुपये की पहली किस्त स्वीकार की, CBI की टीम ने मौके पर ही उन्हें दबोच लिया।

छापेमारी में क्या-क्या मिला

गिरफ्तारी के तुरंत बाद CBI की अलग-अलग टीमों ने आरोपी के बेंगलुरु स्थित कार्यालय, नोएडा स्थित आवास और जबलपुर के ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बरामद हुईं चीजों में शामिल हैं, नोएडा स्थित आवास व बेंगलुरु के कार्यालय कक्ष से करीब 75 लाख रुपये नकद, लगभग 4 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा, 697 ग्राम सोने के जेवर व सिक्के, जिनकी कीमत करीब 86 लाख रुपये आंकी गई है। एक आवासीय फ्लैट से जुड़े संपत्ति के दस्तावेज, जिन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। कुल मिलाकर बरामद नकदी, सोना और विदेशी मुद्रा का मूल्य करीब 1.6 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।

 CBI का बयान

CBI प्रवक्ता के अनुसार आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया, जिसके तुरंत बाद उनके सभी ठिकानों पर समन्वित छापेमारी की गई। एजेंसी अब आरोपी की आय के स्रोत, संपत्तियों के ब्योरे और इस पूरे रिश्वतखोरी नेटवर्क में शामिल हो सकने वाले अन्य संभावित लोगों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस तरह की मांग अन्य सर्विस एजेंट फर्मों से भी की गई थी।

KAPL के बारे में

कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (KAPL) बेंगलुरु मुख्यालय वाला एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (CPSE) है, जो दवाओं के निर्माण और सरकारी अस्पतालों व संस्थानों को उनकी आपूर्ति के लिए जाना जाता है। कंपनी की सेवा एजेंट व्यवस्था के जरिए देश के कई राज्यों में सरकारी अस्पतालों तक दवाएं पहुंचाई जाती हैं। इस मामले ने एक बार फिर सरकारी उपक्रमों में शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही और भ्रष्टाचार-रोधी निगरानी तंत्र को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और CBI आरोपी से पूछताछ के जरिए रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

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