यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: योगी सरकार का बड़ा फैसला, स्मार्ट मीटर से खत्म हुआ प्रीपेड का झंझट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के ऊर्जा विभाग ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी सिरदर्दी को दूर कर दिया है। अब प्रदेश में स्मार्ट मीटर से प्रीपेड (रिचार्ज) व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने का निर्णय लिया गया है। अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ता भी पुराने मीटरों की तरह पोस्टपेड व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे।

क्या है नया नियम?

इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को बार-बार मीटर रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी और न ही बैलेंस खत्म होने पर अचानक बिजली कटने का डर रहेगा।

  • बिलिंग चक्र: उपभोक्ताओं का बिल हर महीने की 1 तारीख से 30 तारीख तक की खपत के आधार पर तैयार किया जाएगा।
  • डिजिटल बिल: महीने भर की बिजली खपत का बिल अगले महीने के शुरुआती 10 दिनों के भीतर उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS या व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया जाएगा।
  • भुगतान की सुविधा: बिल मिलने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, जैसा कि सामान्य पोस्टपेड मीटरों में होता है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

स्मार्ट मीटर में प्रीपेड व्यवस्था को लेकर राज्यभर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उपभोक्ताओं का कहना था कि:

  1. सर्वर डाउन होने के कारण रिचार्ज करने में देरी होती थी।
  2. रात के समय या छुट्टी के दिन बैलेंस खत्म होने पर बिजली गुल हो जाती थी, जिससे काफी परेशानी होती थी।
  3. तकनीकी खामियों के चलते बैलेंस होने के बावजूद कई बार कनेक्शन कट जाता था।

इन तमाम दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पोस्टपेड व्यवस्था को बहाल करने का फैसला किया है।

उपभोक्ताओं को होने वाले मुख्य लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम से लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा:

  • बिजली कटने से मुक्ति: अब बैलेंस खत्म होने पर अचानक अंधेरा नहीं होगा।
  • बजट प्रबंधन: महीने के अंत में बिल आने से मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने मासिक बजट के हिसाब से भुगतान करने में आसानी होगी।
  • पारदर्शिता: व्हाट्सएप और SMS पर बिल आने से उपभोक्ता अपनी कुल यूनिट और खर्च को आसानी से ट्रैक कर सकेंगे।

विशेष नोट: ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा ताकि सभी जिलों में इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

योगी सरकार का यह फैसला बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। डिजिटल बिलिंग के जरिए पारदर्शिता भी बनी रहेगी और ‘पहले इस्तेमाल करें, फिर भुगतान करें’ की सुविधा से जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

 

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