बंगाल न्यूज़: बारुईपुर नाबालिग बलात्कार-हत्या का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में ढेर

बंगाल न्यूज़: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को बुधवार तड़के पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया। आरोपी को क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन (घटना स्थल पुनर्निर्माण) के लिए ले जाते समय उसने एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली, पुलिस पर फायरिंग की और भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिसमें आरोपी घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:45 बजे बारुईपुर पुलिस स्टेशन की टीम आरोपी प्रभास मंडल को सूर्यपुर ले जा रही थी, जहां लड़की का शव तालाब में बोरियों में बंद हालत में मिला था। पुनर्निर्माण शुरू होने से ठीक पहले प्रभास मंडल ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस वीपन छीन ली, एक राउंड फायर किया और भागने की कोशिश की। पुलिस ने तुरंत जवाबी गोलीबारी की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना का क्रम

4 जुलाई: 12 वर्षीय लड़की घर से लापता हो गई।
5 जुलाई: उसका शव सूर्यपुर के एक तालाब में बोरियों में बंद मिला। पोस्टमॉर्टम में बलात्कार और हत्या की पुष्टि हुई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया, स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दी, टायर जलाए और पुलिस वाहनों को क्षति पहुंचाई।
मोब लिंचिंग: गुस्साए भीड़ ने इंद्रजीत मंडल नामक एक युवक को संदिग्ध मानकर पीट-पीटकर मार डाला। बाद में पुलिस ने पाया कि वह निर्दोष था।
गिरफ्तारियां: पुलिस ने प्रभास मंडल, आनंद सरदार और दिबाकर सरदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया।प्रभास मंडल को मुख्य आरोपी माना जा रहा था। CCTV फुटेज में भी उसे पीड़िता के साथ जाते हुए देखा गया था।

मुख्यमंत्री का बयान और कार्रवाई

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए DGP सिद्ध नाथ गुप्ता को 72 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और न्याय का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि निर्दोष इंद्रजीत मंडल की हत्या में शामिल लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा और संपत्ति क्षति में शामिल करीब 200 लोगों की पहचान कर गिरफ्तारियां की जाएंगी। सीएम ने पीड़िता के परिवार की मांग पर सूर्यपुर में पुलिस चौकी बनाने का भी ऐलान किया। उन्होंने विपक्षी दलों और “रेडिकल ताकतों” पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।

इलाके में तनाव

घटना के बाद बारुईपुर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी है। पुलिस ने BNS की धाराओं 63 (बलात्कार), 70(2) (गैंगरेप), 103(1) (हत्या) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।यह जघन्य अपराध राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। जांच जारी है और आगे की गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पीड़िता के परिवार को मुआवजा और सहायता देने का भी आश्वासन दिया गया है।यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों, पुलिस बयान और समाचार स्रोतों पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद और विवरण सामने आ सकते हैं।

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