‘मिनी इंडिया’ पर हमला: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग ने नया मोड़ ले लिया है। शनिवार रात (21 मार्च 2026) ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना और पड़ोसी अराद पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 180 से अधिक लोग घायल हो गए। डिमोना इजरायल के प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर (शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर) से महज 13 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण यह हमला विशेष रूप से चिंताजनक माना जा रहा है।
ईरान ने इन हमलों को अपने नतांज परमाणु सुविधा पर हुए कथित अमेरिका-इजरायल हमले का जवाब बताया है। हालांकि इजरायल ने नतांज हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, डिमोना में 64 और अराद में 116 लोग घायल हुए, जिनमें एक 10 वर्षीय बच्चा गंभीर हालत में है। कई आवासीय इमारतें ध्वस्त हो गईं, मलबे के ढेर लग गए और शार्पनेल से कई लोग घायल हुए। इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे आयरन डोम) ने अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें सीधे शहरों में गिरीं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि परमाणु सुविधा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
डिमोना को ‘मिनी इंडिया’ या ‘लिटिल इंडिया’ क्यों कहा जाता है?
डिमोना की कुल आबादी में लगभग 30% (करीब 7,500 लोग) भारतीय मूल के यहूदी हैं, जिन्हें ‘बनी इजरायल’ कहा जाता है। ज्यादातर ये महाराष्ट्र से आए हैं, जबकि कुछ कोच्चि (केरल) और अन्य क्षेत्रों से। 1950-60 के दशक में यहूदी एजेंसी के माध्यम से भारत से बड़ी संख्या में यहूदी इजरायल आए और डिमोना को अपना घर बनाया। यहां आज भी भारतीय संस्कृति जीवंत है:
· सड़कों पर मराठी और हिंदी सुनाई देती है।
· दुकानों में सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट, भेलपुरी, जलेबी जैसे भारतीय नाश्ते मिलते हैं।
· क्रिकेट के दीवाने हैं, जबकि इजरायल में क्रिकेट ज्यादा लोकप्रिय नहीं।
· दीवाली, ओणम जैसे त्योहार मनाए जाते हैं।
यह समुदाय मुख्य रूप से हीरे के व्यापार, आईटी और अन्य क्षेत्रों में काम करता है, लेकिन अपनी भारतीय जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है। ईरानी हमले के बाद डिमोना के भारतीय-यहूदी निवासियों में भी दहशत है, क्योंकि शहर का एक बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हमलों को “चमत्कार” बताया कि कोई मौत नहीं हुई, लेकिन जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे डाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। युद्ध अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और स्थिति और भड़क सकती है।
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