अहमदाबाद एयरपोर्ट: सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक सनसनीखेज सोने की चोरी का मामला सामने आया है। लगभग 2.1 किलोग्राम सोने के आभूषणों वाली खेप, जिसकी कीमत 2.58 करोड़ रुपये है, को एयर कार्गो के जरिए अहमदाबाद से बेंगलुरु भेजा जाना था, लेकिन वह अपनी मंजिल तक कभी नहीं पहुंची। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह चोरी एयरलाइन और एयरपोर्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दी गई, जो बिल्कुल फिल्मी अंदाज में प्लान की गई थी।
घटना की डिटेल:
18 अप्रैल को टाइटन कंपनी के लिए एक ज्वेलर द्वारा तैयार किए गए सोने के आभूषणों के सात पैकेट अकासा एयर के कार्गो सर्विस से बेंगलुरु भेजे जाने वाले थे। इनमें से एक पैकेट, जिसमें 13 किलोग्राम वजन था और करीब 2.107 किलोग्राम शुद्ध सोना शामिल था, गायब हो गया। जब बेंगलुरु में पैकेट नहीं पहुंचा तो मामला दर्ज किया गया।
मास्टरमाइंड और साजिश:
अहमदाबाद पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अतुल बंसल के अनुसार, इस हीस्ट के मुख्य सूत्रधार रोशन पटेल (अकासा एयर के क्लीनिंग इन-चार्ज) थे। उन्हें जैद हसन अंसारी (एयरलाइन के सिक्योरिटी इन-चार्ज) का पूरा सहयोग मिला। जैद ने हाई-सिक्योरिटी जोन से सोने को CCTV कैमरों और बॉडी वॉर्न डिवाइसेस से बचाते हुए बाहर निकालने में मदद की। जुनागढ़ निवासी सुल्तान सामा तीसरे मुख्य आरोपी हैं। आरोपी सलिम मोहम्मद अंसारी ने बेंगलुरु की फ्लाइट का टिकट बुक कर सामान्य यात्री बनकर एयरपोर्ट में एंट्री ली। सात पैकेटों को खाली पैसेंजर कंपार्टमेंट में शिफ्ट किया गया, जहां सोने वाला पैकेट अलग कर लोडर जयेश परमार की ट्रॉली पर रखा गया। फिर इसे सलिम अंसारी को सौंप दिया गया, जो यात्री के रूप में एयरपोर्ट से बाहर निकल गया।
चोरी के बाद क्या हुआ?
सुल्तान सामा और उनके साथियों ने कथित तौर पर चुराए गए सोने को पिघलाकर विभिन्न ज्वेलर्स को बेच दिया। पुलिस ने जांच को अहमदाबाद और राजकोट तक बढ़ाया, जहां चोरी के सोने के खरीदारों को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की कार्रवाई:
अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि चार फरार हैं। छापेमारी में 69.24 लाख रुपये नकद और 1.02 करोड़ रुपये मूल्य का सोना-चांदी का जेवर बरामद किया गया। कुल बरामदगी 1.72 करोड़ रुपये से अधिक है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, चोरी के मुनाफे का सबसे बड़ा हिस्सा जैद अंसारी को जाना था। पुलिस ने बताया कि आरोपी मार्च में तीन बार इसी तरह की कोशिश कर चुके थे, लेकिन तब स्टाफ और लोडर्स की अधिक संख्या के कारण असफल रहे।
प्रभाव और आगे की जांच:
यह मामला एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अहमदाबाद एयरपोर्ट पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि बाकी सामान बरामद हो सके और पूरी नेटवर्क का पता चल सके। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सुरक्षा कर्मचारियों की मिलीभगत कितनी खतरनाक हो सकती है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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