शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही अनियमितताओं, NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE मूल्यांकन विवादों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का राष्ट्रव्यापी आंदोलन तेज हो गया है। कल (11 जून) सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) में हुए धरना-प्रदर्शन में हजारों छात्र-युवा शामिल हुए, जहां CJP संस्थापक अभिजीत दीपके (या अभिजीत दीपके) ने शिक्षा मंत्रालय सुधारों का ‘एग्जाम मैनिफेस्टो’ जारी किया। आज लखनऊ के इको गार्डन में पार्टी का अगला प्रदर्शन शुरू हो गया है, जहां स्थानीय छात्रों के साथ दीपके भी पहुंचे हैं।
पुणे प्रदर्शन: सोनम वांगचुक की मौजूदगी, दीपके का आह्वान
पुणे में अम्बेडकर प्रतिमा के पास 4 से 6 बजे तक चले प्रदर्शन में सैकड़ों से हजारों तक छात्र जुटे। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और चेतावनी दी कि अगर 20 जून तक इस्तीफा नहीं दिया गया तो दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। उन्होंने युवाओं से अपील की: “हिंदू vs मुस्लिम राजनीति पर ध्यान न दें, शिक्षा और रोजगार पर फोकस करें।” दीपके ने माता-पिताओं से भी कहा कि बच्चों को सवाल पूछने और बोलने से न रोकें, क्योंकि “अकेले रहने पर आवाज दबाई जा सकती है, लेकिन लाखों-करोड़ों छात्र बोलेंगे तो कोई दबा नहीं पाएगा।” सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल होकर समर्थन दिया। उन्होंने शिक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया और युवाओं की पीड़ा को समझने की अपील की। प्रदर्शन में “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारे गूंजते रहे। CJP ने ‘एग्जाम मैनिफेस्टो’ जारी कर पेपर लीक रोकने, रिजल्ट में देरी न होने, मुआवजे और उम्र में छूट जैसी मांगें रखीं। दीपके ने कहा, “सिस्टम सड़ चुका है, कॉकरोच उसे सुधारेंगे।”
आम छात्रों और NEET अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया: कई NEET Aspirants ने प्रदर्शन में भाग लिया और अपनी निराशा जताई। एक अभ्यर्थी ने बताया कि कई प्रयासों के बाद भी लीक के कारण सपने टूट गए। छात्रों का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और राजनीतिक उपेक्षा उन्हें सड़कों पर लाई है। कुछ ने साम्प्रदायिक राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा सुधार की मांग की। हालांकि, कुछ आलोचकों ने इसे “मेमे पॉलिटिक्स” करार दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर युवा आक्रोश साफ दिखा।
मीडिया कवरेज क्यों कम? पुणे प्रदर्शन को मुख्यधारा के कई चैनलों ने सीमित कवरेज दिया। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद, बड़े चैनल्स पर चर्चा गिने-चुने ही रही, जिससे छात्रों में सवाल उठा कि क्या मुद्दे को दबाया जा रहा है। CJP ने शांतिपूर्ण और संवैधानिक ढांचे में आंदोलन का दावा किया।
लखनऊ में आज शुरू: दीपके पहुंचे, पुलिस बल तैनात
आज लखनऊ के इको गार्डन में CJP का धरना शुरू हो गया। अभिजीत दीपके एयरपोर्ट पहुंचकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी (सुबह 10 से शाम 4 बजे तक), हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में अनुमति न मिलने की खबरें भी आईं। दीपके ने कहा कि अगर युवाओं को अनुमति न मिले तो वे खुद थाने जाकर मांग करेंगे। स्थानीय छात्र और अन्य संगठन पहले से जुटे थे; नारेबाजी और प्रदर्शन जारी है। भारी पुलिस बल तैनात है। यह प्रदर्शन दिल्ली (जंतर मंतर) और पुणे के बाद राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है। आगे अमृतसर, हैदराबाद आदि शहरों में भी कार्यक्रम तय हैं। CJP 20 जून से दिल्ली में बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है।
पृष्ठभूमि और मांगें
CJP की शुरुआत मई 2026 में CJI की एक टिप्पणी (“बेरोजगार युवा कॉकरोच”) के जवाब में हुई, जो अब NEET, CBSE और अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ सैटायरिकल से जमीनी आंदोलन बन गया है। मुख्य मांगें: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और युवाओं के लिए रोजगार।यह आंदोलन Gen-Z की आवाज को मजबूती दे रहा है, लेकिन राजनीतिक रंग और फंडिंग को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मुद्दा परीक्षाओं की विश्वसनीयता का है, न कि किसी पार्टी का।
निष्कर्ष: पुणे और लखनऊ के प्रदर्शन दिखाते हैं कि NEET जैसे विवाद युवाओं को एकजुट कर रहे हैं। सरकार को अब ठोस कदम उठाने होंगे, वरना आंदोलन और फैल सकता है। CJP का “कॉकरोच” प्रतीक युवा असंतोष का प्रतीक बन गया है – जो दबाए जाने पर भी जीवित रहता है और लड़ता है।

