New Delhi news दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एनडीआर टीम ने भारतीय सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले 20 हजार रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए सिख का वेश धारण कर बलविंदर सिंह बनकर रह रहा था । पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान रौशन खान उर्फ एसके रौशन उर्फ बलविंदर सिंह (37) निवासी कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। वह दिल्ली कैंट थाने में दर्ज ठगी के एक मामले में वांछित था और अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। उसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार बिहार निवासी काश्यप कुमार सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था। जनवरी 2025 में उसकी मुलाकात दिल्ली कैंट क्षेत्र में सेना की वर्दी पहने एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को बलविंदर सिंह बताते हुए गृह मंत्रालय में अच्छे संपर्क होने का दावा किया और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
नौकरी लगवाने के बदले आरोपी ने की थी पांच लाख की डिमांड
आरोपी ने नौकरी लगवाने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की। इसके बाद काश्यप कुमार से अलग-अलग किस्तों में बैंक खाते और नकद के माध्यम से कुल पांच लाख रुपये ले लिए गए। आरोपी के साथी बाबाई हलदार उर्फ प्रखर मिश्रा ने भी इस ठगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीड़ित को फर्जी एडमिट कार्ड भेजा गया और मेडिकल परीक्षण कराने का नाटक भी रचा गया। रकम लेने के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और संपर्क खत्म कर दिया।
मामले की जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि कथित बलविंदर सिंह का असली नाम रौशन खान है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए लगातार तकनीकी निगरानी और खुफिया तंत्र का सहारा लिया। आखिरकार सूचना मिली कि आरोपी कोलकाता में अपने ससुराल में छिपा हुआ है।
क्राइम ब्रांच की टीम कोलकाता पहुंची और जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने लंबी दाढ़ी रख ली थी और खुद को सिख बताकर सरदार जी के रूप में रह रहा था। पूछताछ में उसने अपनी असली पहचान स्वीकार कर ली और खुलासा किया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
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