मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में बुधवार सुबह भीषण आग लगने की घटना, अनुमति से 4 गुना ज्यादा कमरे, बिना फायर NOC संचालन
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) होटल ‘फ्लोरिश स्टे’ में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली। मरने वालों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें अफ्रीकी देशों (नाइजीरिया, मोजाम्बिक, लाइबेरिया), बांग्लादेश और अन्य देशों के लोग शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे में कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दिल्ली फायर सर्विसेज को सुबह करीब 8:50 बजे आग की सूचना मिली। आग ग्राउंड फ्लोर पर बने रेस्तरां (लेमन ग्रीन) के बेसमेंट किचन से शुरू हुई और तेजी से पूरे पांच-छह मंजिला इमारत में फैल गई। इमारत में संकरी गलियों, केवल एक एंट्री-एग्जिट गेट, सील किए गए खिड़कियों और फायर एस्केप की कमी ने बचाव कार्य को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। आग की लपटों से बचने के लिए कई लोग छतों से कूदने और सीढ़ियों का इस्तेमाल करने को मजबूर हुए।
मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज (उर्फ टिंकू) को हादसे के कुछ घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया। पहले पुलिस ने उन्हें और उनकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था तथा छापेमारी की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार, बजाज मालवीय नगर क्षेत्र में फ्लोरिश स्टे, फ्लोरिश इन और लेमन ग्रीन सहित कई होटलों के मालिक या पार्टनर हैं। पुलिस ने culpable homicide (गैर इरादतन हत्या) समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि होटल को केवल 6 कमरों का B&B लाइसेंस मिला था, लेकिन वहां 22-25 कमरे अवैध रूप से चलाए जा रहे थे। होटल में फायर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं था और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। ग्राउंड फ्लोर का रेस्तरां भी बिना लाइसेंस के चल रहा था।
बचाव कार्य और हताहत
दिल्ली फायर सर्विसेज की 15 से अधिक गाड़ियों ने घंटों तक मशक्कत की। 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। 10 दिल्ली पुलिसकर्मी भी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हुए, जिन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। मृतकों में 6-11 विदेशी और शेष भारतीय बताए जा रहे हैं। कुछ शवों की पहचान अभी बाकी है।
सरकारी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली सरकार ने शोक व्यक्त किया तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेशी नागरिकों के मामलों में संबंधित दूतावासों से संपर्क की बात कही। दिल्ली एलजी तारनजीत सिंह संधु ने पूरे शहर में एक माह तक होटलों, नर्सिंग होम्स, कोचिंग संस्थानों आदि की फायर सेफ्टी जांच का आदेश दिया। दिल्ली मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बिना दस्तावेजों वाले भवनों को सील किया जाएगा। राजनीतिक दलों ने भी घटना पर दुख जताया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सख्त कार्रवाई की मांग की।
जांच जारी
पुलिस और फायर विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी उल्लंघन और लाइसेंस संबंधी गड़बड़ियों पर गहराई से छानबीन हो रही है। इस तरह की घटनाएं दिल्ली में पहले भी हो चुकी हैं, जिससे सुरक्षा मानकों पर सख्ती की मांग तेज हो गई है। यह हादसा न केवल लापरवाही का शिकार बना, बल्कि राजधानी में व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी की बदहाली को भी उजागर करता है। पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना।
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