मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में भीषण आग: आईसीयू में भर्ती 10 मरीजों की मौत, 25 से अधिक झुलसे

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ब्रह्मपुरा स्थित प्रसिद्ध प्रसाद अस्पताल में देर रात गुरुवार को आईसीयू वार्ड में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में आईसीयू में भर्ती 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए। आग की लपटों और घने धुएं ने पूरे अस्पताल में हड़कंप मचा दिया। दमकल की 8 गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

घटना का विवरण

प्रसाद अस्पताल के पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई। चश्मदीदों के अनुसार, अचानक धुआं और लपटें उठने लगीं। अस्पताल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। आग की वजह प्रारंभिक जांच में बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट होगा। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। झुलसे मरीजों को एम्बुलेंस से शहर के अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।

राहत कार्य और प्रशासन की प्रतिक्रिया

दमकल विभाग की टीमों ने भारी धुएं और लपटों के बीच बचाव अभियान चलाया। आग पर काबू पाने के बाद मलबे की सफाई और आगे की जांच शुरू की गई। बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, खासकर अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों को लेकर।यह घटना दिल्ली के मालवीय नगर में होटल आग के एक दिन बाद हुई है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रसाद अस्पताल का परिचय

प्रसाद अस्पताल मुजफ्फरपुर का एक जाना-माना मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जो ब्रह्मपुरा में स्थित है। यहां गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू सुविधा उपलब्ध है। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है।

पीड़ित परिवारों में शोक

मृतकों और घायलों के परिजनों में गुस्सा और दुख है। कई परिवारों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में अग्निशमन उपकरणों की कमी और स्टाफ की लापरवाही ने जानों को खतरे में डाला।

पृष्ठभूमि

मुजफ्फरपुर में पहले भी आग की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस स्तर की लापरवाही चिंताजनक है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अग्निशमन सुरक्षा की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।यह खबर अभी विकसित हो रही है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन ने मुआवजे और सहायता का ऐलान किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना।

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