72nd National Film Awards 2026: आर्टिकल 370 बनी बेस्ट फिल्म, यामी गौतम, कार्तिक आर्यन और मम्मूटी को मिला अभिनय सम्मान

72nd National Film Awards 2026: नई दिल्ली, भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक, 72वीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा आज नई दिल्ली में की गई। जूरी चेयरमैन मलयालम फिल्मकार जयराज के नेतृत्व में 2024 में सर्टिफाइड फिल्मों पर विचार किया गया। इस बार का आयोजन विविधता और उत्कृष्टता से भरा रहा, जहां राजनीतिक ड्रामा आर्टिकल 370 ने बेस्ट फीचर फिल्म का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया।

प्रमुख विजेता और उपलब्धियां

बेस्ट फीचर फिल्म: अदित्य सुहास जांभले निर्देशित आर्टिकल 370। फिल्म ने 2019 के ऐतिहासिक घटनाक्रम को केंद्र में रखकर एक गहन जासूसी थ्रिलर प्रस्तुत किया, जिसमें यामी गौतम ने मुख्य भूमिका निभाई। बेस्ट एक्ट्रेस: यामी गौतम (आर्टिकल 370)। जूनियर एनआईए अधिकारी जूनी हक्सर के रूप में उनकी शक्तिशाली और विश्वसनीय परफॉर्मेंस को खास सराहना मिली। बेस्ट एक्टर (साझा): कार्तिक आर्यन (चandu चैंपियन) और मम्मूटी (ब्रह्मयुगम)। दोनों अभिनेताओं ने अपनी-अपनी फिल्मों में उम्दा अभिनय का प्रदर्शन किया। बेस्ट डायरेक्टर: राजकुमार पेरियासामी (अमरन)। बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट: कल्कि 2898 AD (नाग अश्विन)। बेस्ट फिल्म प्रमोटिंग नेशनल, सोशल एंड एनवायरनमेंटल वैल्यूज: कैप्टन मिलर (धनुष)।

अन्य प्रमुख विजेता:

बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर: संजय मिश्रा (भक्षक)। बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (साझा): सचाना नामिदास (महाराजा) और रोपाश्री वर्कडी (मिथ्या)। बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर: रणदीप हुडा (स्वातंत्र्यवीर सावरकर)। बेस्ट हिंदी फिल्म: श्रीकांत। बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर: शशवत सच्चदेव (आर्टिकल 370) और जी.वी. प्रकाश कुमार (अमरन)। इसके अलावा, अमरन को बेस्ट एडिटिंग, ब्रह्मयुगम को बेस्ट सिनेमैटोग्राफी, और पुष्पा: द रूल को बेस्ट स्क्रीनप्ले और बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन जैसे तकनीकी पुरस्कार मिले। चिल्ड्रेंस फिल्म श्रेणी में तेलुगु फिल्म चिन्ना कथा काडु ने बाजी मारी।

जूरी और प्रतिस्पर्धा

2024 की फिल्मों में ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट, लापता लेडीज, ब्रह्मयुगम, द गोट लाइफ, पुष्पा 2, स्ट्री 2 जैसी फिल्में शामिल थीं। 24 भाषाओं की 161 फिल्में 16 श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। जूरी ने विविधता, सामाजिक मूल्यों और कलात्मक उत्कृष्टता को प्राथमिकता दी।

अभिनेताओं की प्रतिक्रियाएं

रणदीप हुडा: स्वातंत्र्यवीर सावरकर पर अपनी पहली फिल्म के लिए बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर अवॉर्ड मिलने पर भावुक। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन वीर सावरकर की विरासत को सच्चाई से पेश करने की जिम्मेदारी महसूस हुई।
भूषण कुमार (श्रीकांत): “यह कहानी सुनाने लायक थी। पूरी टीम को यह सम्मान मिला।”
जी.वी. प्रकाश: अमरन के लिए तीसरा नेशनल अवॉर्ड मिलने पर खुशी जताई।

विवाद और चर्चाएं

कुछ फिल्मों जैसे थंगालान (विक्रम) को नजरअंदाज किए जाने पर फैंस निराश हैं। वहीं, आलू अर्जुन के पुष्पा: द रूल को स्क्रीनप्ले और कॉस्ट्यूम के लिए अवॉर्ड मिले, लेकिन एक्टिंग के लिए उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। धनुष को कैप्टन मिलर में स्पेशल मेंशन मिला और उनकी फिल्म रायन ने बेस्ट तमिल फिल्म का खिताब जीता।

भारतीय सिनेमा के लिए मील का पत्थर

यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा की समृद्धि को दर्शाते हैं, जहां क्षेत्रीय और मुख्यधारा की फिल्में एक साथ चमक रही हैं। आर्टिकल 370 जैसी फिल्मों ने सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा दिया, जबकि कल्कि 2898 AD ने भविष्यवादी विज्ञान कथा को लोकप्रिय बनाया। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार न केवल कलाकारों को सम्मानित करते हैं बल्कि पूरे देश को एकजुट करने वाली कहानियों को बढ़ावा देते हैं। विजेताओं को जल्द ही राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा।  पूरी सूची और अपडेट्स के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।

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